अलर्ट: गायों में फैलने वाले वायरस से पहली बार इंसान की मौत, जानिए क्या है शमोंडा वायरस और ये कितना खतरनाक
Shamonda virus In Human: फ्रांस में 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत के मामले में पहली बार शमोंडा वायरस का पता चला। यह वायरस मुख्य रूप से गायों में पाया जाता है। क्या इस वायरस से इंसानों को खतरा हो सकता है? क्या इससे एक नई महामारी का खतरा पैदा हो सकता है?
विस्तार
जूनोटिक बीमारियां वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ाती रही हैं। ये ऐसे संक्रामक रोग हैं जो जानवरों से मनुष्यों में फैलते हैं। हाल ही में अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से अमेरिका के वॉशिंगटन में संक्रमित गायों से इंसान में बर्ड फ्लू का मामला सामने आया था, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की थी। अब फ्रांस से आ रही जानकारी एक नई चिंता बढ़ा रही है।
जानवरों में फैलने वाली एक बीमारी से इंसान की मौत का मामला सामने आया है, जिसने वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। फ्रांस में 60 साल के व्यक्ति की मौत के बाद उसके शरीर में शमोंडा वायरस की पुष्टि हुई। यह वायरस मुख्य रूप से गायों में पाया जाता है। इससे संक्रमित गायों में बुखार, दस्त और प्रजनन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। अब तक इसे इंसानों में बीमारी फैलाने वाला वायरस नहीं माना जाता था। यही कारण है कि इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं।
आखिर शमोंडा वायरस क्या है, इंसान तक ये कैसे पहुंचा और क्या इससे आने वाले दिनों में गंभीर खतरा हो सकता है? आइए इस बारे में समझते हैं पूरी बात।
शमोंडा वायरस को लेकर चिंता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस में एक व्यक्ति की मौत दुर्लभ वायरस के संक्रमण से हुई है। वैसे तो उसकी मौत अक्तूबर की शुरुआत में हुई थी लेकिन अब जब इसके कारणों की जांच की गई तो उसके शरीर में शमोंडा वायरस पाया गया। यह मामला इसलिए खास है, क्योंकि अब तक इस वायरस को इंसानों में संक्रमण फैलाने वाला नहीं माना जाता था। ये अब तक सिर्फ पशुओं, विशेषकर गायों में संक्रमण का कारण बनता था।
- अधिकारियों के मुताबिक, आशंका है कि मृत व्यक्ति को एक मिज नाम के छोटे कीट ने काटा था।
- यह एक तरह का बेहद छोटा उड़ने वाला कीट होता है, जिसकी कुछ प्रजातियां जानवरों में वायरस फैलाने के लिए जिम्मेदार मानी जाती रही हैं।
- गौरतलब है कि फ्रांस के पूर्वी हिस्से में पहले से ही इस साल जानवरों के बीच शमोंड वायरस फैलने की खबरें आती रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ये मामला काफी दुर्लभ और चिंता बढ़ाने वाला जरूर रहा है पर फिलहाल इससे ज्यादा खतरे की आशंका नहीं जताई जा रही है।
मरीज की पहले से कमजोर थी इम्युनिटी
फ्रांस के अधिकारियों के मुताबिक, जिस व्यक्ति की मौत हुई, उसकी इम्युनिटी पहले से बहुत कमजोर थी। अधिकारियों ने इस घटना को एक असाधारण मामला बताया है। फिर भी यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ईसीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
फिलहाल बड़ा सवाल ये बना हुआ है कि क्या यह वायरस भविष्य में इंसानों के लिए ज्यादा खतरनाक बन सकता है?
- कुछ विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि कोई वायरस ऐसे व्यक्ति के शरीर में लंबे समय तक बना रहे, जिसकी इम्युनिटी बेहद कमजोर है तो समय के साथ उसमें म्यूटेशन हो सकते हैं।
- ऐसे बदलावों के कारण किसी वायरस के फैलने के तरीके में भी बदलाव हो सकता है।
- लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि शमोंडा वायरस में ऐसा बदलाव हो ही रहा है या वह इंसानों के बीच तेजी से फैलने लगेगा।
पहले से कई देशों में रिपोर्ट किए जाते रहे हैं शमोंडा के मामले
शमोंडा वायरस मुख्य रूप से गायों में पाया जाता है, लेकिन भेड़, घोड़े, बकरियां में भी कई बार संक्रमण देखा जा चुका है।
यूरोप में इस वायरस का पता पहली बार जुलाई में चला था। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर जानवरों में इसके मामले सामने आए। आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्विट्जरलैंड में भी इसके जानवरों में मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं।
फ्रांस की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक व्यक्ति को पहले इलाज के लिए एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसे तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं थीं। इंसान में सामने आया यह पहला रिपोर्ट किया गया मामला है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के एमआरसी सेंटर फॉर वायरस रिसर्च में सीनियर लेक्चरर डॉ. बेन ब्रेनन ने बताया कि मरीज की इम्युनिटी पहले से बेहद कमजोर थी। इसलिए केवल इस घटना के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि वायरस सामान्य रूप से स्वस्थ लोगों के लिए भी बड़ा खतरा है। अभी तक इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि शमोंडा वायरस इंसानों में बड़े पैमाने पर बीमारी फैला सकता है।
- एक इंसान से दूसरे इंसान में भी इस वायरस के फैलने का जोखिम बेहद कम माना जा रहा है।
- जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली बहुत कमजोर होती है, उनका शरीर कुछ संक्रमणों को आसानी से खत्म नहीं कर पाता। ऐसी स्थिति में वायरस लंबे समय तक शरीर में बना रह सकता है।
- आम लोगों के लिए फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
- लेकिन पशुओं में फैलने वाले संक्रमणों पर नजर रखना, नए मामलों की जांच करना और वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर जोखिम का आकलन करना जरूरी है।
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स्रोत:
First human case of Shamonda virus reported in France as patient dies
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