Covid-19 Vaccine Side Effects: कोविड वैक्सीनेशन से जुड़ा नया खतरा, लोगों में देखा गया अंधेपन का खतरा
- कोरोनावायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ वैक्सीनेशन को सबसे प्रभावी तरीका बताते रहे हैं, हालांकि दूसरी तरफ वैक्सीन के कारण होने वाले साइड-इफेक्ट्स भी लोगों की चिंता बढ़ाते रहे हैं।
- अब एक अध्ययन में विशेषज्ञों की टीम ने चिंता जताई है कि फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन के कारण आंखों की कॉर्निया पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
विस्तार
Pfizer Vaccine News: कोरोना महामारी को पांच साल से अधिक का समय बीत गया है। साल 2019 के आखिरी के महीनों में फैला कोरोनावायरस अब भी समय-समय पर लोगों की चिंता बढ़ाता रहा है। इस साल मई-जून के महीने में भी संक्रमण की एक और लहर देखने को मिली, हालांकि फिलहाल स्थिति काफी कंट्रोल में है।
कोरोनावायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ वैक्सीनेशन को सबसे प्रभावी तरीका बताते रहे हैं, हालांकि दूसरी तरफ वैक्सीन के कारण होने वाले साइड-इफेक्ट्स भी लगातार चिंता का विषय बने रहे हैं।
वैश्विक टीकाकरण अभियान की शुरुआत से ही कोविड-19 वैक्सीन के कारण होने वाले दुष्प्रभावों की धीमी आवाज में ही सही, चर्चा होती रही है। इसी क्रम में एक और हालिया अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वैक्सीन के कारण होने वाली समस्याओं को लेकर अलर्ट किया है। इस बार फाइजर वैक्सीन के साइड-इफेक्टस को लेकर लोगों को आगाह किया गया है। इस वैक्सीन से टीकाकरण करा चुके कई लोगों में आंखों से संबंधित गंभीर दिक्कतें देखी गई हैं, जिससे अंधेपन तक का खतरा हो सकता है।
फाइजर वैक्सीन के सामने आए साइड-इफेक्ट्स
ये अध्ययन तुर्की के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा किया गया है। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन के कारण आंखों की कॉर्निया पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इस शोध में टीके की दोनों खुराक लेने से पहले और बाद में कम से कम 64 मरीजों के कॉर्निया में आए बदलावों की जांच की गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि ये टीके लेने वाले कई लोगों ने आंखों से संबंधित गंभीर समस्याओं की शिकायत की है।
अध्ययन में क्या पता चला?
जर्नल ऑफ्थैल्मिक एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि वैसे तो वैक्सीन लेने के बाद लोगों में तत्काल आंखों से संबंधित दिक्कतें नहीं हुईं लेकिन ये नोटिस किया गया है कि वैक्सीनेशन के बाद कई लोगों का कार्निया सामान्य से मोटा हो गया, एंडोथेलियल कोशिकाओं की संख्या कम हो गई और कई संरचनात्मक परिवर्तन भी देखे गए हैं। ये समय के साथ आंखों के लिए गंभीर समस्याएं बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि ये परिवर्तन बताते हैं कि फाइजर वैक्सीन अस्थायी रूप से एंडोथेलियम को कमजोर कर सकती है। एंडोथेलियम, कार्निया आंतरिक सतह पर स्थित कोशिकाओं की एक परत होती है, जो कॉर्निया की नमी और पारदर्शिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, स्पष्ट दृष्टि के लिए इसका स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है।
सामान्य से मोटा हो गया कार्निया
शोध के आधार पर वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जिन लोगों को पहले से ही आंखों की कोई समस्या रही है या जिनका कॉर्नियल ट्रांसप्लांट हुआ है, उनके इस समस्या की बारीकी से निगरानी की जानी चाहिए। टीम ने पाया कि फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन के कारण कई मरीजों के कॉर्निया की मोटाई 528 से 542 माइक्रोमीटर तक बढ़ गई , जो लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि है।
कॉर्निया का सामान्य से अधिक मोटा रहना दीर्घकालिक रूप से दृष्टि को प्रभावित करने वाली स्थिति हो सकती है।
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
इन परिणामों के लिए टीम ने 64 लोगों को अध्ययन में शामिल किया और टीकाकरण से पहले और बाद में इनके आंखों की स्थिति की जांच की गई। फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन की दूसरी खुराक मिलने के लगभग 75 दिन बाद टीम ने विस्तृत अध्ययन किया। निष्कर्षों में पाया गया कि कुछ लोगों ने कार्निया से संबंधित दिक्कतों की शिकायत की।
विशेषज्ञों ने कहा, वैसे तो इस अध्ययन का सैंपल साइज छोटा है, परिणामों की पुष्टि के लिए हमें और विस्तार से शोध की आवश्यकता है, हालांकि निष्कर्षों को अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
-------------
स्रोत
Evaluation of the Effects of mRNA-COVID 19 Vaccines on Corneal Endothelium
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।