Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   covid-19 news and updates in india researchers uses clay particles to develop affordable COVID-19 testing

Covid-19: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच वैज्ञानिकों ने संक्रमण का पता लगाने के लिए ढूंढ लिया सस्ता-कारगर तरीका

Sat, 07 Jun 2025 05:13 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 07 Jun 2025 05:13 PM IST
सार

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना की जांच का एक नया और किफायती तरीका ढूंढ लिया है। कोविड-19 रोग का कारण बनने वाले सार्स-सीओवी-2 का पता लगाने के लिए मिट्टी के कणों के इस्तेमाल किया है।

विज्ञापन
covid-19 news and updates in india researchers uses clay particles to develop affordable COVID-19 testing
कोरोना के बढ़ते मामले - फोटो : Freepik.com

विस्तार

Covid-19: देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्ड पर साझा की गई जानकारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 391 नए रोगी सामने आए हैं, जिसके साथ अब कोरोना के कुल एक्टिव मामले बढ़कर 5755 हो गए हैं।

विज्ञापन


गुरुवार को कुल एक्टिव केस 4866 जबकि शुक्रवार को 5364 थे। बीते 24 घंटे में 4 लोगों की मौत भी हुई है। केरल में सबसे ज्यादा 1806 एक्टिव केस हैं, इसके बाद गुजरात में 717, दिल्ली में 665 और पश्चिम बंगाल में 622 मरीज संक्रमित हैं। कोरोना के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी निश्चित ही चिंता बढ़ा रही है जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सावधान करते हैं।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टेस्टिंग बढ़ने के साथ कोरोना के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि ज्यादातर रोगी हल्के लक्षणों वाले हैं, इसलिए ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। फिर भी सभी लोगों को निरंतर बचाव के उपाय जरूर करते रहना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन



(दो साल में पहली बार एक्टिव केस 5000 से ऊपर)

Trending Videos

covid-19 news and updates in india researchers uses clay particles to develop affordable COVID-19 testing
कोरोना की जांच का नया तरीका - फोटो : Freepik.com

आईआईटी के वैज्ञानिकों ने खोजा कोविड टेस्टिंग का नया तरीका

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना की जांच का एक नया और किफायती तरीका ढूंढ लिया है। कोविड-19 रोग का कारण बनने वाले सार्स-सीओवी-2 का पता लगाने के लिए मिट्टी के कणों के इस्तेमाल किया है।

शोधकर्ताओं ने पाया है कि मिट्टी के कण  सार्स-सीओवी-2 की उपस्थिति में अलग तरह से प्रतिक्रिया करते हैं। ये खोज एक सरल, किफायती परीक्षण विकल्प विकसित करने में मददगार हो सकती है।

covid-19 news and updates in india researchers uses clay particles to develop affordable COVID-19 testing
कोविड-19 टेस्टिंग और अध्ययन (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

जर्नल एप्लाइड क्ले साइंस में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि मिट्टी के कण वायरस युक्त नमकीन-पानी के घोल में जल्दी तल पर बैठते हैं। वायरस की मौजूदगी में मिट्टी के इंटर पार्टिकल फोर्स में बदलाव के कारण, मिट्टी की इलेक्ट्रोलाइट प्रणाली की सेडिमेंटेशन दर बदल गई। ‘सेडिमेंटेशन’ वह प्रक्रिया है जिसमें किसी तरल या गैस में घुले कण गुरुत्वाकर्षण या अन्य बलों के कारण द्रव से बाहर निकल आते हैं।

टीम ने कहा कि ये निष्कर्ष वायरस का पता लगाने के लिए फिलहाल उपयोग की जाने वाली जटिल, महंगी विधियों की तुलना में  सरल और किफायती विकल्प हो सकती है। 


(ये भी पढ़िए- कोरोना ने हृदय रोगों का बढ़ाया खतरा, हल्के स्तर का संक्रमण भी खतरनाक; अध्ययन में खुलासा)

covid-19 news and updates in india researchers uses clay particles to develop affordable COVID-19 testing
कोरोनावायरस का कैसे पता लगाएं? - फोटो : Adobe stock photos

अब तक की टेस्टिंग विधियों से ज्यादा किफायती

आईआईटी गुवाहाटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख लेखक टी.वी. भरत ने कहा, ‘‘कोविड के जांच के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली पीसीआर जैसी मौजूदा विधियां अत्यधिक संवेदनशील हैं, लेकिन समय लेती हैं और इसके लिए उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसी तरह, एंटीजेन परीक्षण तेज तो होता है, लेकिन इसमें सटीकता की कमी है, जबकि एंटीबॉडी परीक्षण का उपयोग संक्रमण होने के बाद किया जाता है।

शोधकर्ताओं ने इस परीक्षण के लिए ‘बेंटोनाइट मिट्टी’ का उपयोग किया क्योंकि इसकी अनूठी रासायनिक संरचना प्रदूषकों और भारी धातुओं को आसानी से अवशोषित करने में मददगार होती हैं।

शोधकर्ताओं ने कहा कि इससे पहले के अध्ययनों से पता चला है कि मिट्टी के कण वायरस और बैक्टीरियोफेज से स्थिर हो सकते हैं, जिससे यह वायरस का पता लगाने के लिए एक आशाजनक सामग्री बन जाती है। हम इस खोज को लेकर काफी आशाजनक हैं।




-----------
स्रोत
IIT Guwahati harnesses clay sedimentation to identify and measure Coronavirus



अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed