कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इससे बचाव और इसके इलाज को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं। एक तरफ इसकी वैक्सीन को लेकर काफी हद तक सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं तो दूसरी ओर कई कंपनियां इसकी दवा तैयार करने में लगी है। फिलहाल पहले से उपलब्ध दवाओं के जरिए कोरोना वायरस के लक्षणों का इलाज किया जा रहा है और मरीज ठीक होकर अस्पतालों से वापस अपने घर जा रहे हैं। इससे बचाव के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय समय समय पर सलाह और सुझाव जारी करता रहता है तो वहीं, आयुष मंत्रालय ने भी आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में कोरोना वायरस से बचाव के उपाय बताए हैं। लोग कोरोना से बचने के लिए कई तरह के घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं। नमक के पानी से गरारे करना इन्हीं में से एक है। ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने भी हालिया शोध अध्ययन में इसपर मुहर लगाई है।
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इस भारतीय घरेलू नुस्खे से कम होगा कोरोना वायरस का खतरा, ब्रिटेन में हुए शोध अध्ययन में दावा
Tue, 02 Jun 2020 08:02 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Tue, 02 Jun 2020 08:02 AM IST
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Coronavirus Prevention Tips: नमक के पानी से गरारे
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गरारे
- फोटो : Social Media
ब्रिटेन की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी में शोध
- गरारे को लेकर ब्रिटेन की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने शोध अध्ययन किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, नमक के पानी से गरारे करने से कोरोना संक्रमण के लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके साथ ही इस नुस्खे से कोविड संक्रमण की अवधि भी कम की जा सकती है।
Research
66 मरीजों पर 12 दिन तक अध्ययन
- ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस से संक्रमित 66 मरीजों पर यह अध्ययन किया है। शोधकर्ताओं ने 12 दिन तक यह अध्ययन किया गया। इन 66 मरीजों को इलाज के साथ-साथ नमक मिले गुनगुने पानी से गरारा करने के लिए कहा गया था। 12 दिनों के बाद इन मरीजों की नाक से जब सैंपल लिए गए तो उनमें संक्रमण के लक्षण बहुत ही कम दिखे।
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गरारे
- फोटो : social media
- जर्नल ऑफ ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित इस रिसर्च के मुताबिक, नमक के गरारे करने वाले मरीजों में औसतन ढाई दिन के अंदर कम संक्रमण पाया गया। शोधकर्ताओं का दावा है कि नमक का गरारा करने से कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रभाव कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि गरारे की मदद से इस बीमारी के खतरे को कम समय में ठीक किया जा सकता है।
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गरारे/Mouthwash
- फोटो : Pixabay
- मालूम हो कि पहले भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ कह चुके हैं कि गरारे की मदद से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के खतरे को कम किया जा सकता है। उनका कहना था कि नियमित अंतराल में अगर माउथवॉश/गरारे किया जाए तो इससे कोरोना वायरस की गंभीरता कम की जा सकती है।