कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हम सभी अपने हाथों को धोने और सैनिटाइज करने की आदत डाल ली है। हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए सैनिटाइजर बहुत ही आसान विकल्प है। लेकिन इसका अधिक इस्तेमाल करना नुकसानदेह भी हो सकता है। हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से अच्छे बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं, जो हमारे शरीर और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। अगर आप भी पूरे दिन बार-बार हाथों को सैनिटाइज करते हैं तो जरा सावधान हो जाइए। आज हम आपको 5 ऐसी स्थितियों के बारे में बताएंगे, जहां आपको आपको हैंड सैनिटाइजर प्रयोग करने की जरूरत एकदम नहीं है।
इंफेक्शन के डर से क्या आप भी हाथों को करते हैं सैनिटाइज? इन 5 स्थितियों में नहीं मिलता है सैनिटाइजेशन से कोई फायदा
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साबुन और पानी होने पर
अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, कीटाणुओं से छुटकारा पाने के लिए साबुन और पानी से हाथ धोना बहुत कारगर तरीका है। कम से कम 20 सेकेंड तक साबुन और पानी से हाथ धोना चाहिए। सैनिटाइजर के बदले साबुन के उपयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए।
हाथ गंदे दिखाई देने पर
अगर आपके हाथों पर गंदगी साफ-साऱ दिखाई दे रही है, तो साफ करने के लिए साबुन और पानी का इस्तेमाल करें। गंदगी को हटाने में सैनिटाइजर का प्रयोग प्रभावी नहीं है। अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर आपके हाथों से गंदगी को दूर नहीं करते हैं और अगर आपके हाथ गंदे हैं तो वायरस और बैक्टीरिया को मारने में भी ये कम प्रभावी हैं।
अगर आपके बगल में कोई छींक रहा हो
अगर आपके बगल में व्यक्ति छींकता है तो आप हैंड सैनिटाइजर का कितनी बार इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इसके इस्तेमाल से कोई खास फायदा भी नहीं होगा। आपके पास अगर कोई खांसता या छींकता है तो सांस लेते समय आप हवा की बूंदों से संक्रमण को पकड़ सकते हैं। बेहतर होगा कि आप छींकने वाले व्यक्ति से दूरी बना लें और उसके बाद अपने हाथों को साफ कर लें।
बिना किसी चीज को छुए
कई लोग बिना किसी चीजो को छुए ही बार-बार अपने हाथों को सैनिटाइज करते हैं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि हैंड सैनिटाइजर के ज्यादा इस्तेमाल से प्रतिरोधी बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं। हम जितना ज्यादा हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हैं, उतने ही कीटाणु अल्कोहल के प्रति सहनशील बनते जाते हैं। ऐसे में बढ़िया ये होगा कि, जब जरूरत हो तभी सैनिटाइजर का उपयोग करें।