दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पूरी दुनिया में करीब 1.8 करोड़ लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं और 6 लाख 80 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि इसके लिए वैक्सीन बनाने का काम लगातार जारी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस काम में जुटे हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में वैक्सीन बनाने की करीब 23 परियोजनाओं पर इस वक्त काम चल रहा है, जिसमें से कुछ के ट्रायल अंतिम चरण में हैं। रूस ने तो यह दावा भी कर दिया है कि उसने वैक्सीन तैयार कर ली है और इस महीने वह सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की खुराक देगा। उसके बाद अक्तूबर से देश के नागरिकों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। हालांकि इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन को लेकर एक बड़ी बात कही है।
Coronavirus vaccine: दुनिया में कोरोना वैक्सीन की 23 परियोजनाओं पर चल रहा काम, अब WHO ने कही ये बड़ी बात
दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एडहनॉम गिब्रयेसॉस ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 'फिलहाल इस वायरस के लिए कोई सटीक और पक्के तौर पर इलाज उपलब्ध नहीं है और हो सकता है कि कभी हो ही ना।'
अभी एक दिन पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से ये बयान आया था कि कोरोना वायरस महामारी अभी लंबे समय तक बनी रह सकती है। निश्चित तौर पर यह बयान डराने वाला था, लेकिन अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वायरस का कोई पक्का इलाज नहीं मिलने की जो बात कही है, वह इससे भी ज्यादा डराने वाली है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या संभावित वैक्सीन कोरोना वायरस को खत्म करने में कारगर होगी? अभी तक यह तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन जिन-जिन देशों ने वैक्सीन बना लेने की बात कही है, उनके बारे में आइए जान लेते हैं...
ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का क्या है हाल?
- पिछले महीने ही ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने घोषणा की थी कि उनके द्वारा विकसित की गई कोरोना वैक्सीन ट्रायल में सुरक्षित पाई गई है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने का काम करती है। भारत में तो इस वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के मानव परीक्षण को मंजूरी भी मिल गई है। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने देश में इस वैक्सीन को बनाने के लिए एस्ट्राजेनेका कंपनी के साथ साझेदारी की है। इस वैक्सीन को लेकर यह दावा किया गया है कि अगर सभी परीक्षण सफल रहते हैं तो यह साल के आखिर में बाजार में उपलब्ध हो जाएगी।
अमेरिका की वैक्सीन कब तक आएगी?
- अमेरिका में मॉडर्ना कंपनी द्वारा विकसित की गई वैक्सीन ट्रायल के अंतिम चरण में है। अभी कुछ दिन पहले ही बड़े पैमाने पर (30 हजार लोगों पर) इसका मानव परीक्षण शुरू किया गया है। इस साल के अंत तक इस वैक्सीन के बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद जताई गई है।