कोरोना की वैक्सीन का इंतजार लगभग पूरी दुनिया अभी कर ही रही है जबकि रूस अपने नागरिकों को वैक्सीन की खुराक देने भी लगा है। हाल ही में दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन मानी जा रही 'स्पुतनिक-वी' के पहले बैच को रूस ने आम नागरिकों के लिए जारी किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब रूस ने यह घोषणा की है कि वह 2020-2021 के भीतर एक बिलियन यानी 100 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इंटरफैक्स समाचार एजेंसी का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है। आइए जानते हैं इस वैक्सीन से जुड़े ताजा अपडेट्स...
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रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) ने पहले ही ब्राजील के बाहिया राज्य और विदेशों में कोरोना वैक्सीन के निर्यात के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा कजाकिस्तान के साथ भी एक समझौता हुआ है, जो शुरू में 20 लाख से अधिक वैक्सीन की खुराक खरीदने के लिए तैयार है और बाद में वह इसे 50 लाख तक बढ़ा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में रूस की वैक्सीन की 300 मिलियन यानी 30 करोड़ खुराक का उत्पादन किया जाएगा। हालांकि सबसे बड़ी बात ये है कि इस वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल अभी हुआ ही नहीं है। इसी महीने से इसका ट्रायल भारत में शुरू होगा। रशियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड के सीईओ किरिल दिमित्रिव के मुताबिक, भारत समेत संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, फिलीपींस और ब्राजील में इसी महीने से ट्रायल शुरू हो जाएगा।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 अगस्त को 'स्पुतनिक-वी' वैक्सीन को लॉन्च किया था और इसकी प्रभावशीलता के बारे में बताया था। उनका कहना था कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है और इस वजह से वैक्सीन की डोज उनकी बेटी ने भी ली है। बाद में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी वैक्सीन लेने के बाद पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
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आपको बता दें कि रूस की इस वैक्सीन को मॉस्को के गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है। हाल ही में चिकित्सा जगत से जुड़े शोध प्रकाशित करने वाली लैंसेट पत्रिका में इस वैक्सीन के शुरुआती ट्रायल से संबंधित एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें बताया गया था कि ट्रायल के दौरान वैक्सीन सुरक्षित पाई गई है। लोगों पर इसका साइड-इफेक्ट नजर नहीं आया है और वैक्सीन लेने के बाद उनमें एंटीबॉडी भी तैयार हुई है।