{"_id":"604b1dd38ebc3e76a253de2e","slug":"coronavirus-vaccine-update-israel-says-600-children-given-pfizer-biontech-jab-had-no-serious-side-effects","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कोरोना वैक्सीन पर बड़ी खुशखबरी: बच्चों के लिए भी सुरक्षित है फाइजर की वैक्सीन, इस्रायल का दावा","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
कोरोना वैक्सीन पर बड़ी खुशखबरी: बच्चों के लिए भी सुरक्षित है फाइजर की वैक्सीन, इस्रायल का दावा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Fri, 12 Mar 2021 01:22 PM IST
विज्ञापन
1 of 4
कोरोना वैक्सीन
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
आखिर बच्चों को कोरोना वैक्सीन कब मिलेगी, यह पिछले कई महीनों से सिर्फ सवाल ही बना हुआ है, जिसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। दरअसल, बच्चों को कोरोना वैक्सीन इसलिए नहीं लगाई जा रही है, क्योंकि इसके ट्रायल उनपर हुए ही नहीं हैं। हालांकि अब इस बात के संकेत मिले हैं कि मौजूद वैक्सीन बच्चों के लिए भी सुरक्षित है। द गार्डियन के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस्रायल में 12 से 16 वर्ष की आयु के सैकड़ों बच्चों को फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन दी गई और उनमें से किसी में भी इसके गंभीर साइ़ड-इफेक्ट देखने को नहीं मिले। इससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा कोरोना वैक्सीन बच्चों के लिए भी सुरक्षित साबित हो सकती है।
2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
इस्रायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन किशोरों को वैक्सीन लगाए जाने की सिफारिश की है, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और कोरोना का संक्रमण उनके लिए घातक हो सकता है। देश के वैक्सीन टास्क फोर्स के प्रमुख बोज लेव ने कहा, 'हमने अब तक लगभग 600 बच्चों का टीकाकरण किया है। हमने उनपर कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं देखा, यहां तक कि मामूली साइड-इफेक्ट के मामले भी काफी कम देखने को मिले हैं। ये नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले हैं।'
3 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
फिलहाल फाइजर कंपनी 12 से 15 साल के बच्चों पर वैक्सीन के प्रभावों का अध्ययन कर रही है और पांच से 11 साल के बच्चों पर एक और अध्ययन शुरू करने की तैयारी में है। इसके अलावा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी छह साल के बच्चों पर अपनी वैक्सीन के परीक्षण की घोषणा की है। इन अध्ययनों में कई महीने लग सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
हालांकि यह सवाल अब भी बना हुआ है कि माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए सहमत होंगे या नहीं। एक इस्रायली टीवी चैनल ने पिछले महीने एक सर्वे किया था, जिसमें पाया गया था कि केवल 41 फीसदी माता-पिता ही अपने बच्चों का टीकाकरण कराना चाहते थे। यह सर्वे रशिनेक रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा कराया गया था। इसमें यह भी पाया गया था कि 29 फीसदी अभिभावक अपने छह से 15 साल के बच्चों को टीका नहीं लगवाना चाहते हैं, जबकि 30 फीसदी तो इस बात को लेकर स्पष्ट ही नहीं हैं कि वे अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाएंगे या नहीं।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।