कोरोना महामारी का प्रकोप देश- दुनिया में बढ़ता जा रहा है। इस वायरस से रोकथाम के लिए कई देशों में इसकी वैक्सीन को तैयार करने के लिए रिसर्च जारी है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने 22 जून को कोविड- 19 की वैक्सीन को लेकर एक ड्राफ्ट लैंडस्केप जारी किया है, जिसमें ये बताया गया है कि कोरोना वायरस के लिए बन रही 13 वैक्सीन क्लिनिकल इवैलुएशन की स्टेज में हैं।
Corona Vaccine Update: कोरोना वैक्सीन की रेस में कौन कितना आगे, यहां जानें पूरा अपडेट
- दुनिया में कई जगहों पर कोरोना वैक्सीन को बनाने को लेकर शोध चल रहे हैं। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इंसानों पर वैक्सीन का ट्रायल बहुत पहले शुरू कर दिया था।
- लंदन के इम्पीरियल कॉलेज की वैक्सीन का इंसानों पर बहुत जल्दी ट्रायल शुरू होने जा रहा है।
- दुनिया में 129 वैक्सीन कैंडिडेट्स ऐसे हैं जिनका इस समय प्री-क्लिनिकल इवैलुएशन चल रहा है।
- वैक्सीन तैयार करने में लगते हैं कई साल
एक रिपोर्ट के अनुसार आमतौर पर वैक्सीन को तैयार करने में कई सालों का समय लगता है। साइंस जर्नल PLOS One में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, वैक्सीन कैंडिडेट्स का सक्सेस रेट सिर्फ 6% होता है। इस समय कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों की वजह से दुनिया के शोधकर्ता इसकी वैक्सीन को तैयार करने में युद्धस्तर पर लगे हुए हैं।
दुनिया में कोरोना वायरस से अबतक चार लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। आइए आज आपको बताते हैं कोरोना की वैक्सीन बनाने को लेकर अभी तक दुनिया में कहां-कहां रिसर्च चल रही हैं और कौन कितना आगे पहुंच गया है...
- ट्रायल के आखिरी पड़ाव पर ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन
यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफर्ड और AstraZeneca Plc. द्वारा बनाई जा रही वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल के आखिरी स्टेज में पहुंच गई है। ChAdOx1 nCov-19 वैक्सीन को अब तक दस हजार से अधिक लोगों को दिया जा चुका है। फाइनल स्टेज तक पहुंचने वाली ये दुनिया की पहली वैक्सीन है।
इस वैक्सीन का ट्रायल दुनिया के कई देशों में चल रहा है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भारत के लिए वैक्सीन बनाने के लिए 100 मिलियन डॉलर इनवेस्ट कर दिए हैं।
- कैसे तैयार हो रही है ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की ये वैक्सीन
इस वैक्सीन को ChAdOx1 वायरस से तैयार किया जा रहा है जो सामान्य सर्दी वाले वायरस का रूप है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर ट्रायल सफल रहा तो वैक्सीन को इस साल के आखिरी तक लांच कर दिया जाएगा।