फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   Nature is sending us a message says UN environment chief Inger Anderson about Coronavirus

क्या प्रकृति की ओर से एक चेतावनी है कोरोना वायरस? चर्चा में संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रमुख का बयान

Fri, 27 Mar 2020 08:23 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Fri, 27 Mar 2020 08:23 PM IST
विज्ञापन
Nature is sending us a message says UN environment chief Inger Anderson about Coronavirus
सतर्कता बरतते लोग(File Photo) - फोटो : PTI

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रमुख इंगर एंडरसन का बयान इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि प्रकृति दुनिया में चल रहे जलवायु संकट और कोरोना वायरस महामारी के साथ स्पष्ट संदेश भेज रही है। उन्होंने कहा कि मानव ने अपने कृत्यों से प्रकृति पर बहुत अधिक दबाव डाला है, जिसके हानिकारक परिणाम सामने हैं। पृथ्वी की रक्षा करने में विफल होने का मतलब है कि मानव खुद की देखभाल नहीं कर पा रहा है।

विज्ञापन


द गार्जियन से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अब सभी के लिए तत्काल प्राथमिकता लोगों को कोरोना वायरस से बचाना और इसके बढ़ते संक्रमण को रोकना है। उन्होंने कहा कि धरती पर रहने और जैव विविधता के नुकसान से बचने के लिए हमें दीर्घकालिक उपाय सोचने होंगे। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी भी जंगली और घरेलू जानवर बैक्टीरिया या वायरस जैसे रोगजनकों का माध्यम नहीं बनते थे। ऐसी संक्रामक बीमारियों का लगभग 75 फीसदी इन जीवों से ही आता है। कहा कि जंगली स्थानों के निरंतर कटाव ने हमें पेड़-पौधों और जानवरों के करीब आने से असहज रूप से परेशान कर दिया है, जो बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र के वैज्ञानिकों ने यह भी टिप्पणी जोड़ी कि अन्य पर्यावरणीय प्रभाव, जैसे कि ऑस्ट्रेलियाई जंगलों में आग, गर्मी के टूटते रिकॉर्ड आदि हमें एक तरह से संदेश भेज रहे हैं कि हमें पर्यावरण संरक्षण पर गंभीर होने की जरूरत है। 

उनका कहना है कि इन सभी घटनाओं के साथ प्रकृति हमें एक संदेश भेज रही है। हमारे प्राकृतिक प्रणालियों पर एक ही समय में बहुत सारे दबाव हैं। चाहे हम इसे पसंद करते हों या नहीं, लेकिन हम प्रकृति के साथ आंतरिक रूप से जुड़े हुए हैं। यदि हम प्रकृति का ध्यान नहीं रखते हैं, तो इसका मतलब है कि हम अपना ध्यान नहीं रख सकते हैं। हमें अपने सबसे मजबूत सहयोगी के रूप में प्रकृति का संरक्षण करने की जरूरत है। 

(पीटीआई इनपुट के साथ)

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed