कोरोना वायरस ने ऐसा कहर बरपाया है कि पूरी दुनिया इससे परेशान है। दुनियाभर में इससे संक्रमित होने वालों की संख्या हर रोज लाखों में आ रही है। पूरी दुनिया में अब तक इससे दो करोड़ 92 लाख से भी ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि नौ लाख 29 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक इससे 48 लाख से भी ज्यादा संक्रमित लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 80 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए जब तक इस वायरस के खिलाफ वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक बिल्कुल सतर्क रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं कोरोना वायरस से जुड़े कुछ सवालों के जवाब, जिन्हें जानना हमारे आपके लिए बहुत जरूरी है।
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Coronavirus: कब आरटी-पीसीआर टेस्ट करना है और कब रैपिड एंटीजन टेस्ट? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Tue, 15 Sep 2020 02:25 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 15 Sep 2020 02:25 PM IST
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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अगर कोरोना संक्रमित को मास्क, ग्लव्स लगाकर टच करें तो क्या संक्रमित हो सकते हैं?
- दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनुपम प्रकाश के मुताबिक, 'अगर मास्क और ग्लव्स लगाकर किसी को भी छुआ है तो संक्रमित नहीं होंगे, लेकिन अगर ग्लव्स लगे-लगे हाथ से मुंह या नाक को छू लेते हैं, तो संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए कोई भी अन्य काम करने से पहले सावधानी से ग्लव्स उतार कर पहले अच्छी तरह हाथ धोएं। फिर मास्क उतारें और तभी कुछ खाएं।'
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मेट्रो आदि चलने लगी है, लोगों को क्या सलाह है?
- दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉ. बलविंदर सिंह कहते हैं, 'एहतियात बहुत जरूरी है। अगर बाहर जाते हैं तो अच्छी क्वालिटी का मास्क लगाएं। कई लोग मास्क ले लेते हैं, लेकिन लगाते नहीं हैं। खांसने के वक्त भी खास ध्यान रखना है कि खांसते वक्त कोहनी के पास मुंह करके खांसें, ताकि हथेली पर ड्रॉपलेट्स न आएं और वातावरण में न फैलें। अपने साथ पेपर सोप या सैनिटाइजर जरूर रखें। कहीं भी बाहर हाथ से सतह छूने पर सतर्क रहें।'
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कब आरटी-पीसीआर टेस्ट करना है और कब रैपिड एंटीजन टेस्ट?
- डॉ. बलविंदर सिंह के मुताबिक, 'अगर कोई कंटेनमेंट जोन में है, जहां संक्रमण बहुत ज्यादा फैल रहा है, तब अगर टेस्ट कराना है तो आरटी-पीसीआर टेस्ट कराएं। अगर लक्षण हैं तो जल्द से जल्द आइसोलेट हो जाना चाहिए और तुरंत आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए। अगर कंटेनमेंट जोन में नहीं हैं, तो रैपिड एंटीजन टेस्ट करा सकते हैं। हालांकि कंटेनमेंट जोन में सरकार रैपिड एंटीजन टेस्ट करा रही है।'
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क्या कोरोना से ठीक हुए लोग रक्तदान कर सकते हैं?
- लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. घनश्याम पांग्टेय बताते हैं, 'कोरोना वायरस के मरीजों में एंटीबॉडी बनते हैं, जो दूसरे मरीजों को बचाने में काफी मदद करते हैं। ऐसे में कोरोना से ठीक हुए मरीज करीब एक महीने बाद अपना प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। अभी उनसे प्लाज्मा ही लिया जा रहा है।'