कोरोना के मामले भारत में दिन पर दिन बढ़ते ही जा रहे हैं और ये बेहद ही डराने वाली बात है। ऐसे में इस बीमारी से जुड़ी अहम जानकारियों के बारे में जानने के लिए लोगों में एक अलग ही तरह की उत्सुकता देखी जा रही है। इसके इलाज के बारे में भी लगातार खोजबीन जारी है। दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी समय-समय पर इसको लेकर गाइडलाइंस जारी करते रहते हैं और मरीजों पर नजर भी बनाए हुए हैं। कोरोना वायरस को लेकर एक ताजा रिपोर्ट सामने आई है, जिसके मुताबिक कोरोना संक्रमण होने के बाद किसी भी मरीज के लिए शुरुआती 5-6 दिन बेहद ही अहम माने जाते हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के डॉक्टर, जो कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं और इससे जुड़े रिसर्च पर भी नजरें गड़ाए हुए हैं, उनका यही मानना है। आइए जानते हैं डॉक्टरों का ये क्यों कहना है कि संक्रमित मरीज के लिए शुरुआत के पांच-छह दिन अहम होते हैं।
Coronavirus: संक्रमित मरीज के लिए क्यों जरूरी हैं पहले पांच दिन? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
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ऐसा माना जाता है कि अलग-अलग लोगों के शरीर में कोरोना वायरस के लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। किसी को हल्के लक्षण दिखते हैं तो किसी को गंभीर। दरअसल, लक्षणों का दिखना इस बात पर निर्भर करता है कि कितनी मात्रा में वायरस ने आपके शरीर में प्रवेश किया है। जिनके शरीर में अधिक मात्रा में वायरस प्रवेश कर जाते हैं, उनमें से ज्यादातर लोगों में एक दिन में ही फ्लू जैसे लक्षण दिखने लगते हैं, जिसमें गले में खराश, बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द और स्वाद का बदल जाना शामिल हैं।
वैसे तो मितली और उल्टी आने की समस्या भी कोरोना के ही लक्षणों में शामिल हो गई है। इसके अलावा दस्त भी संक्रमित रोगियों का एक लक्षण है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। संक्रमित होने पर सबसे पहले तो व्यक्ति को खुद को क्वारंटीन कर लेना चाहिए यानी किसी अलग कमरे में रहना चाहिए और अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों को शामिल करना चाहिए। इसमें सबसे जरूरी तो ये है कि आपको किसी डॉक्टर से इस बारे में सलाह जरूरी लेनी चाहिए।
कोरोना होने पर शुरुआती 5 दिन क्यों हैं महत्वपूर्ण?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरोना वायरस जैसे ही हमारे शरीर में प्रवेश करता है, वो सबसे पहले तो शरीर के अंदर अपनी संख्या बढ़ाना शुरू कर देता है। इसमें पहले से तीसरे दिन तक सूंघने की क्षमता का गायब हो जाना और स्वाद न आने जैसी समस्याएं होती हैं। अगर आपके साथ ही ऐसा हो रहा है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। फिर तीसरे से पांचवें और छठे दिन का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर इतने दिनों तक आपको गंभीर लक्षणों (जैसे- सांस लेने में परेशानी) का सामना करना नहीं पड़ रहा है तो इसका मतलब है कि आप कोरोना के कारण गंभीर रूप से बीमार होने से बच सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआत के पांच दिन ही कोरोना मरीज में संक्रमण के गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर इतने दिनों तक सबकुछ ठीक रहा तो छठे दिन इसके गंभीर होने का खतरा टल जाता है। हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी कि नौ दिन के बाद संक्रमित मरीज द्वारा स्वस्थ व्यक्ति में संक्रमण फैलने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। हालांकि कोरोना एक जानलेवा बीमारी है, जिससे खतरा तो है ही। इसलिए बेहतर है कि आप घर पर ही रहें और सुरक्षित रहें।