फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   Cancer Risk in Men vs Women Key Findings Women are more likely to be diagnosed with cancer

Cancer Risk: पुरुष या महिला किसे कैंसर का खतरा अधिक, अध्ययन में सामने आई बड़ी जानकारी; बच्चों में भी जोखिम

Sat, 18 Jan 2025 02:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 18 Jan 2025 02:31 PM IST
सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर किसी को भी हो सकता है, यही कारण है कि सभी लोगों को इससे बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है। दुनियाभर में कैंसर के खतरे बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों के मन में एक सवाल बार-बार खड़ा होता है कि पुरुष या महिला किसे कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है?

विज्ञापन
Cancer Risk in Men vs Women Key Findings Women are more likely to be diagnosed with cancer
कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com

विस्तार

कैंसर वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल इस रोग के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। पुरुष-महिला हों या फिर बच्चे, सभी उम्र और लिंग के लोगों में कैंसर के मामले देखे जा रहे हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट, सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर जबकि पुरुषों में प्रोस्टेट, लंग्स और माउथ कैंसर के मामले और इसके कारण मौत का खतरा सबसे अधिक देखा जाता रहा है।

विज्ञापन


स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर किसी को भी हो सकता है, यही कारण है कि सभी लोगों को इससे बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है। वहीं जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को कैंसर की समस्या रही है उन्हें और भी सतर्कता बरतनी चाहिए।
विज्ञापन


अध्ययनों की रिपोर्ट बताती है कि बच्चे भी कैंसर से बचे नहीं हैं। ल्यूकोमिया, ब्रेन और स्पाइनल कैंसर बच्चों में देखा जाने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है। दुनियाभर में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों के मन में एक सवाल बार-बार खड़ा होता है कि पुरुष या महिला किसे कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है? आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

Cancer Risk in Men vs Women Key Findings Women are more likely to be diagnosed with cancer
महिलाओं में कैंसर के मामले - फोटो : Freepik.com

महिलाओं में कैंसर का खतरा अधिक

कैंसर के मामलों को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस गंभीर रोग का शिकार अधिक हो रही हैं। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी ने एक रिपोर्ट में बताया कि 50 की आयु तक की 17 में से 1 महिला को कैंसर होने का खतरा रहता है। वहीं पुरुषों में ये दर 29 में से एक है।

कैंसर रोग विशेषज्ञ कहते हैं जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है इस गंभीर रोग का खतरा भी बढ़ जाता है। 

Cancer Risk in Men vs Women Key Findings Women are more likely to be diagnosed with cancer
कैंसर के जोखिम कारक - फोटो : Freepik.com

कैंसर की मृत्युदर में आई कमी

अध्ययन की रिपोर्ट बताती है कि मेडिकल क्षेत्र में नवाचार और कारगर इलाज-दवाओं के चलते कैंसर से होने वाली मौतों की दर जरूर कम हुई है पर अब भी ये बड़ा जोखिम बना हुआ है। इस रिपोर्ट में जिक्र मिलता है कि कैंसर से जुड़ी मौतों में 1991 और 2022 के बीच 34% की गिरावट हुई है। 

इसे इतर अब भी लगभग 40% लोगों को उनके जीवनकाल में कभी न कभी घातक प्रकार के कैंसर का जोखिम हो सकता है। यू.एस. में हृदय रोगों के बाद कैंसर अब भी मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। 

Cancer Risk in Men vs Women Key Findings Women are more likely to be diagnosed with cancer
महिलाओं में कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com

क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्ययन के प्रमुख लेखकों में से एक रेबेका सीगल बताती हैं, पहले की तुलना में अब कैंसर के मामलों का समय पर निदान और इलाज आसानी से हो जाता है जिसके कारण वैश्विक स्तर पर मृत्युदर जरूर कम हुई है हालांकि अब भी ये बड़ी चिंता का कारण है।

शोधकर्ताओं ने जब कैंसर के विशिष्ट प्रकारों को समझने की कोशिश की तो कुछ नए रुझान सामने आए। इसमें पाया गया है कि 65 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में अब पुरुषों की तुलना में फेफड़ों के कैंसर का निदान अधिक किया जा रहा है। इतना ही नहीं कई अन्य प्रकार के कैंसर (मुंह का कैंसर तथा महिलाओं में गर्भाशय और लिवर कैंसर) पहले की तुलना में अधिक लोगों की जान ले रहे हैं।

Cancer Risk in Men vs Women Key Findings Women are more likely to be diagnosed with cancer
कैंसर के कारण औऱ इसके बचाव - फोटो : Freepik.com

भारत में कैंसर का निदान और खतरा

कैंसर की रोकथाम और इसके मृत्युदर को कम करने में भारतीय आबादी को बड़ी सफलता मिली है। साल 2024 के आखिरी 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैंसर को लेकर किए गए प्रयासों की भी खूब तारीफ की। द लैंसेट के अध्ययन रिपोर्ट की जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में अब समय पर इस रोग का इलाज शुरू होने का संभावना पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है, जो इस बीमारी के कारण होने वाली मृत्युदर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 

प्रधानमंत्री ने कहा, कैंसर के इलाज को आसान बनाने में आयुष्मान भारत योजना की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही है। इसकी मदद से कैंसर के 90 प्रतिशत मरीज समय पर इलाज प्राप्त कर रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना ने कैंसर के इलाज को लेकर होने वाले खर्च की टेंशन को काफी कम कर दिया है। इलाज को लेकर पहले की तुलना में अब लोग काफी जागरूक भी हुए हैं।



--------------
स्रोत और संदर्भ़
Cancer statistics, 2025


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed