World Hindi Day 2024: जानें क्या है राष्ट्रीय हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस में अंतर
साल में दो बार हिंदी दिवस मनाने के चलते लोगों के मन में अक्सर ये सवाल उठता है कि आखिर साल में दो बार हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है। हर कोई इसके पीछे की कहानी जानना चाहता है।
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World Hindi Day 2024: हिंदी हमारी राजभाषा है, ऐसे में भारत के कई राज्यों में हिंदी बोली जाती है। भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस आदि देशों में हिंदी भाषा का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। वर्ल्ड लैंग्वेज डेटाबेस के अनुसार, वर्तमान में 61 करोड़ लोग हिंदी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने के प्रयास स्वरूप प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।
इस विश्व हिंदी दिवस के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 14 सितंबर के दिन भी हिंदी दिवस मनाया जाता है। साल में दो बार हिंदी दिवस मनाने के चलते लोगों के मन में अक्सर ये सवाल उठता है कि आखिर साल में दो बार हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है। हर कोई इसके पीछे की कहानी जानना चाहता है। इन दोनों के बीच का अंतर जानने से पहले आपको ये जानना जरूरी है कि आखिर 10 जनवरी और 14 सितंबर के दिन मनाए जाने वाले हिंदी दिवस में अलग क्या है?
सबसे पहले जानें 14 सितंबर को क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस
भारत के आजाद होने के बाद देश में कई बदलाव देखने को मिले। इसमें एक था कि 14 सितंबर 1946 के दिन हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार करना। दरअसल, 14 सितंबर 1946 के दिन ही संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया। इसके बाद जब देश में नेहरू सरकार ने काम संभाला तो उन्होंने हिंदी दिवस मनाने का फैसला लेते हुए पहली बार आधिकारिक तौर पर 14 सितंबर 1953 को हिंदी दिवस मनाया। इसी के चलते भारत देश में हर साल 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
अब जानें 10 जनवरी को हिंदी दिवस मनाने की वजह ?
भारत में इतनी सारी भाषाओं और विविधताओं के बीच हिंदी वह भाषा है जो हिंदुस्तान को जोड़ती है। भारत के बाहर भी कई ऐसे देश हैं, जहां हिंदी को प्रमुख भाषा माना जाता है। ऐसे में विदेशों में भी हिंदी का भरपूर प्रचार-प्रसार करने के लिए हिंदी दिवस मनाने की एक पहल की शुरुआत की गई थी। इसके अंतर्गत विश्व में पहला हिंदी दिवस 10 जनवरी 1974 को महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित किया गया था। इस महासम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य विश्व-भर में हिंदी का प्रसार करना था।
नागपुर में हिंदी दिवस के आयोजन के बाद सबसे पहले यूरोपीय देश नार्वे के भारतीय दूतावास ने पहली बार विश्व हिंदी दिवस मनाया था। वहीं इसके बाद दूसरा और तीसरा हिंदी दिवस भारतीय नॉर्वे सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के तत्वाधान में लेखक सुरेश चन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में बहुत धूमधाम से मनाया गया था। भारत के प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने साल 2006 में घोषणा की कि प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाएगा। तब से हम विश्व हिंदी दिवस बेहद धूमधाम से मनाते हैं।
क्या है इनमें अंतर ?
अब आते हैं इन दोनों के अंतर पर, कि आखिर एक ही दिन को साल में दो बार क्यों मनाया जाता है। दरअसल, 10 जनवरी को विश्न हिंदी दिवस मनाया जाता है और 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस होता है। हालांकि दोनों का उद्देश्य हिंदी का प्रचार-प्रसार ही है। राष्ट्रीय हिंदी दिवस को इसलिए मनाया जाने लगा क्योंकि 14 सितंबर के दिन ही भारत में हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला था। वहीं विश्व हिंदी दिवस को इसलिए मनाया जाता है ताकि विश्न में भी हिंदी को वही दर्जा मिल सके।