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US Visa: क्या है H-1B वीजा? अब भारतीयों का अमेरिका में जॉब का सपना होगा महंगा, देखें पांच हाई-पेइंग नौकरियां
Sun, 21 Sep 2025 02:27 PM IST
शिवम गर्ग
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sun, 21 Sep 2025 02:27 PM IST
सार
H-1B Visa: हाल ही में H-1B वीजा की फीस में वृद्धि और नियमों में बदलाव के बाद यह सवाल और अहम हो गया है कि कौन-कौन सी नौकरियां इस वीजा के तहत उपलब्ध हैं और भारतीय प्रोफेशनल्स वहां कितनी सैलरी कमा सकते हैं। इस रिपोर्ट में हम आपको अमेरिका में भारतीयों के लिए टॉप 5 H-1B नौकरियों और उनकी सैलरी की जानकारी दे रहे हैं।
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एच-1बी वीजा
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
H-1B Visa Fees Increase: भारत में आईटी और मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम कर रहे ज्यादातर प्रोफेशनल्स का सपना अमेरिका जाकर नौकरी करने का होता है। वजह भी साफ है- बड़ी टेक कंपनियों में काम करने का मौका, इंटरनेशनल एक्सपोजर और हाई पैकेज। हर साल हजारों भारतीय H-1B वीजा के सहारे अमेरिका पहुंचते हैं और करोड़ों रुपये तक की सैलरी पाते हैं।
लेकिन अब स्थिति बदल रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में H-1B वीजा की फीस एक लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) बढ़ाने का आदेश दिया है। इसका सीधा असर अमेरिकी कंपनियों और विदेशी प्रोफेशनल्स दोनों पर पड़ेगा। अब कंपनियों के लिए किसी नए H-1B वर्कर को हायर करना और महंगा हो जाएगा।
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लेकिन अब स्थिति बदल रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में H-1B वीजा की फीस एक लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) बढ़ाने का आदेश दिया है। इसका सीधा असर अमेरिकी कंपनियों और विदेशी प्रोफेशनल्स दोनों पर पड़ेगा। अब कंपनियों के लिए किसी नए H-1B वर्कर को हायर करना और महंगा हो जाएगा।
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अमेरिका में नौकरी के लिए जरूरी डिग्री और स्किल्स
- ज्यादातर H-1B नौकरियों के लिए कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, इंजीनियरिंग या STEM फील्ड में बैचलर डिग्री जरूरी है।
- प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और ओपन सोर्स योगदान आपकी प्रोफाइल को मजबूत बनाते हैं।
- डेटा साइंस/AI/ML जैसी फील्ड्स में मास्टर डिग्री या सर्टिफिकेशन (जैसे Deep Learning, AI specialization) से फायदा मिलता है।
- मैनेजमेंट रोल्स के लिए लीडरशिप, टीम मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन स्किल्स अहम होते हैं।
इस कदम से भारतीय कैसे होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित?
अमेरिका के इस कदम से वहां रहने वाले भारतीय सर्वाधिक प्रभावित होंगे। इस बदलाव से अमेरिका में भारतीय आईटी इंजीनियरों की नौकरियों पर खतरा आएगा। वित्त वर्ष 2023-24 तक दो लाख से ज्यादा भारतीयों ने एच1-बी वीजा हासिल किया था। भारत पिछले साल एच-1बी वीजा का सबसे बड़ा लाभार्थी था। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 से 2023 के बीच स्वीकृत वीजा में 73.7 फीसदी वीजा भारतीयों को मिले थे। चीन 16 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर था। कनाडा 3% के साथ तीसरे स्थान पर, उसके बाद ताइवान (1.3%), दक्षिण कोरिया (1.3%), मैक्सिको (1.2%) और नेपाल, ब्राजील, पाकिस्तान और फिलीपींस (सभी 0.8%) हैं।
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अमेरिका में भारतीयों के लिए टॉप 5 H-1B वीजा नौकरियां
| नौकरी | अमेरिका में अनुमानित सैलरी (INR) | जरूरी डिग्री/योग्यता | भारत में अनुमानित सैलरी |
|---|---|---|---|
| सॉफ्टवेयर इंजीनियर/डेवलपमेंट इंजीनियर | 90 लाख – 1.30 करोड़ रुपये | कंप्यूटर साइंस/सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग डिग्री, प्रोग्रामिंग स्किल्स | 20-45 लाख रुपये |
| डेटा साइंटिस्ट/ML इंजीनियर | 90 लाख – 1.50 करोड़ रुपये | डेटा साइंस, स्टैटिस्टिक्स, AI/ML में बैचलर/मास्टर डिग्री | 10-25 लाख रुपये |
| प्रोडक्ट मैनेजर | 1 – 1.70 करोड़ रुपये+ | बिजनेस/टेक/मार्केटिंग डिग्री, प्रोडक्ट अनुभव | 10 लाख – 1 करोड़ रुपये |
| सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट/सीनियर इंजीनियर | 1.30 – 2.20 करोड़ रुपये+ | सिस्टम डिजाइन, आर्किटेक्चर और टीम लीडरशिप | 70 लाख – 1.5 करोड़ रुपये |
| इंजीनियरिंग मैनेजर/टेक लीड | 1.20 – 2 करोड़ रुपये+ | टेक स्किल्स + टीम मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट डिलीवरी अनुभव | 50 लाख – 1 करोड़ रुपये+ |