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PMIS: पीएम इंटर्नशिप योजना से आए ऑफर स्वीकार करने से क्यों कतरा रहे आवेदक? अब सरकार ने बताया क्या है इसकी वजह

Mon, 18 Aug 2025 02:29 PM IST
शिवम गर्ग जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 18 Aug 2025 02:29 PM IST
सार

PM Internship: केंद्र सरकार ने बताया कि पीएम इंटर्नशिप स्कीम में युवाओं की भागीदारी कम रही है। लोकेशन और इंटर्नशिप की अवधि जैसी वजहों से कई उम्मीदवार ऑफर स्वीकार नहीं कर पाए। इस योजना का मकसद 1 करोड़ युवाओं को बेहतर इंटर्नशिप अवसर देना है।

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PM Internship: Low Youth Participation in PM Internship Scheme; Government Cites Reasons; Read here
PM Internship Scheme - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

PM Internship Scheme: केंद्र सरकार ने सोमवार (18 अगस्त) को लोकसभा में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PMIS) के पायलट प्रोजेक्ट में लोकेशन और इंटर्नशिप की अवधि जैसे कारणों से कई आवेदक दिए गए ऑफर स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

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यह योजना, जो 2024-25 के बजट में घोषित हुई थी, अगले पांच वर्षों में देश के टॉप 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। यह योजना कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है।

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प्रधानमंत्री इंटर्नशिप प्रोजेक्ट के आंकड़े

  • अक्तूबर 2024 में शुरू हुए पहले राउंड में 280 कंपनियों ने 1.27 लाख से अधिक इंटर्नशिप अवसर दिए।
  • इस दौरान लगभग 6.21 लाख आवेदन 1.81 लाख उम्मीदवारों की ओर से प्राप्त हुए।
  • कंपनियों ने 82,000 से अधिक ऑफर दिए, जिनमें से लगभग 28,000 उम्मीदवारों ने स्वीकार किया और 8,700 से अधिक ने इंटर्नशिप शुरू की।
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  • दूसरे राउंड की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई, जिसमें 327 कंपनियों ने 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप अवसर प्रदान किए। 2.14 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों से 4.55 लाख आवेदन मिले।
  • 12 अगस्त 2025 तक, कंपनियों ने 82,000 से ज्यादा ऑफर दिए, जिनमें से 24,000 से अधिक युवाओं ने ऑफर स्वीकार कर इंटर्नशिप शुरू की।

सरकार ने बताई अस्वीकार करने की वजहें

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि मंत्रालय द्वारा किए गए फीडबैक सर्वे, कॉल सेंटर की आउटबाउंड कॉल्स और विभिन्न हितधारकों से मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर पता चला है कि आवेदनकर्ता ऑफर न स्वीकार करने या इंटर्नशिप में शामिल न होने के मुख्य कारण हैं:

  • लोकेशन की समस्या
  • इंटर्नशिप की अवधि
  • उच्च शिक्षा जारी रखना

मंत्रालय ने कहा है कि पायलट प्रोजेक्ट के दौरान प्राप्त फीडबैक, हितधारकों से परामर्श और परिणामों के मूल्यांकन के आधार पर स्कीम का पूर्ण रूप से विस्तार किया जाएगा। पहले राउंड में 3.38 लाख और दूसरे राउंड में 3.46 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने अपना प्रोफाइल पूरा कर पंजीकरण कराया है।

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