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UPPSC RO ARO Exam Analysis: आरओ-एआरओ परीक्षा देने पहुंचे सिर्फ 42.21 फीसदी अभ्यर्थी; 10 लाख से अधिक थे पंजीकृत

Sun, 27 Jul 2025 07:56 PM IST
शिवम गर्ग जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 27 Jul 2025 07:56 PM IST
सार

UPPSC RO ARO Exam 2025: यूपीपीएससी आरओ/एआरओ पुनर्परीक्षा परीक्षा में जहां 10 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, वहीं परीक्षा में सिर्फ 42.21% उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। जानिए आरओ एआरओ का पेपर कैसा रहा... 

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UPPSC RO ARO Exam Analysis: Only 42.21% Candidates Appeared; Check Paper Difficulty and Student Reactions
यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

UPPSC RO ARO Exam Analysis: 27 जुलाई 2025 को आयोजित हुई यूपीपीएससी समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में कुल 10.76 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन सिर्फ 4.51 लाख उम्मीदवार ही परीक्षा देने पहुंचे यानी उपस्थिति केवल 42.21% रही। शेष 58% अभ्यर्थी परीक्षा से गायब रहे।

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इससे पहले 11 फरवरी 2024 को हुई इसी परीक्षा में 64 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए थे। तकरीबन सवा दो लाख अभ्यर्थी ऐसे हैं जो पिछली परीक्षा में तो शामिल हुए थे लेकिन डेढ़ साल बाद रविवार को हुई पुनर्परीक्षा उन्होंने छोड़ दी।

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2382 केंद्रों पर हुई परीक्षा

आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 75 जिलों में बनाए गए 2382 केंद्रों पर हुआ। अभ्यर्थियों के पुनर्परीक्षा छोड़ने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। इस बार परीक्षा में काफी सख्ती की गई।

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पहली बार एक ही पाली में हुई परीक्षा

पहली बार आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा एक सत्र में आयोजित की गई। पहले यह परीक्षा दो सत्रों में होती थी जिसमें सामान्य अध्ययन व हिंदी के प्रश्न पत्र होते थे लेकिन इस बार दोनों प्रश्न पत्रों को समायोजित करते हुए एक सत्र में तीन घंटे की परीक्षा आयोजित की गई।

अयोध्या में सर्वाधिक और रामपुर में सबसे कम उपस्थिति दर्ज

आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 2023 के लिए प्रयागराज में 106 केंद्र बनाए गए थे और 42032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 47.61 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। सर्वाधिक 52.81 फीसदी उपस्थिति अयोध्या और सबसे कम 25.78 फीसदी उपस्थिति रामपुर में रही। चित्रकूट में 52.60 फीसदी, गाजीपुर में 50.68, गोंडा में 52.32, जौनपुर में 51.68, अमेठी में 51.58, प्रतापगढ़ में 50.50, सीतापुर में 50.23 और लखनऊ में 48.89 फीसदी अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कैसा रहा आरओ/एआरओ पेपर?

यूपीपीएससी आरओ/एआरओ परीक्षा 2025 का आयोजन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एक ही शिफ्ट में किया गया। परीक्षा का स्तर सामान्य रूप से "मॉडरेट" यानी मध्यम दर्जे का बताया जा रहा है। जनरल स्टडीज (GS) सेक्शन में कुछ सवाल उलझाने वाले थे, हालांकि कुल मिलाकर यह पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा आसान माना गया। 

हिंदी भाषा के खंड में पर्यायवाची शब्दों और तत्सम-तद्भव से जुड़े प्रश्नों ने छात्रों को खासा परेशान किया। वहीं, मॉडर्न हिस्ट्री से जुड़े कुछ सवाल अपेक्षाकृत कठिन बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर पेपर संतुलित था।

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