5वीं पास मां की बेटी बनी SDM, पढ़िए इस बेटी की विजयगाथा
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धामपुर की लाडली रेनू रानी ने यूपी लोक सेवा आयोग में पीसीएस परीक्षा 2014 में एससी कैटेगिरी में प्रदेश में पहला नंबर, जबकि सामान्य कैटेगिरी में 30 वां स्थान हासिल किया है।
धामपुर टीचर्स कालोनी की रहनी वाली रेनू के पिता रामसिंह भारतीय खाद्य निगम में अलीगढ़ से प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि मां कुसमलता गृहणी हैं।
बुधवार को परीक्षा परिणाम घोषित होने पर जैसे ही रेनू के चयनित होने की सूचना मिली तो परिवार में खुशियां छा गईं। रेनू वर्तमान में दिल्ली में एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। खास बात ये है कि रेनू की मां कुसुमलता महज पांचवीं पास हैं। उन्हें खुशी के मारे यह एहसास नहीं हो रहा है कि उनकी बेटी एसडीएम हो चुकी है।
रेनू की मां कुसुमलता, भाई बृजेश व पिता रामसिंह ने बताया कि वह बचपन से कुशाग्र है। उसकी शादी जिला गौतमबुद्धनगर में कुछ साल पहले हुई थी। रेनू के पति अमित कुमार, सिंचाई विभाग में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।
रेनू पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर की है। रेनू का भाई अविनाश मलेशिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। छोटा भाई विपिन लखनऊ में एमबीबीएस कर रहा है। रेनू का सबसे बड़ा भाई बृजेश शेरकोट पीजेएम इंटर कालेज में लेक्चरर है।
किसान की बेटी बनी बीडीओ, किया नाम रोशन
किसान परिवार में जन्मी एक बेटी ने यूपी पीसीएस की परीक्षा पास कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बीडीओ के पद पर उसका चयन हुआ है। क्षेत्र के गांव किशनपुर भोगन निवासी श्रीराम सिंह सिसौदिया की बेटी पारूल सिसौदिया ने 25 वर्ष की आयु में यूपी पीसीएस की परीक्षा पास की है। उनका बीडीओ के पद पर चयन हुआ है।
पारूल के पिता किसान हैं। उसने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा विवेकानंद इंटर कॉलेज दरबाड़ा से की। उसने दोनों ही कक्षाओं में कॉलेज टॉप किया हैं। बीए की परीक्षा एचजीएसएच कॉलेज चांदपुर से करने के बाद वर्धमान कॉलेज बिजनौर से बीएड किया।
बीटीसी करने के बाद वह वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय मुकरपुर सत्ती में सहायक अध्यापक रही। उनका चयन राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में भी हो चुका है। दो भाई बहनों में वह छोटी है। उन्होंने बताया कि किताबों को पढ़ना व कविताऐं लिखना और लोगों की सहायता करना उनका शौक है। पारूल ने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद से उसे कामयाबी मिली है।
इलाहाबाद की प्रिया का लड़कियों में पहला स्थान
इलाहाबाद में रहकर तैयारी करने वाली प्रिया सिंह, वरूण कुमार पांडेय, दीपेंद्र यादव, अखिलेश यादव, वीर बहादुर यादव का एसडीएम पद पर चयन हुआ है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक प्रिया का कहना है कि मुख्य सूची में उनका छठा और लड़कियों में पहला स्थान है।
पीसीएस-2014 में इलाहाबाद के मेधावियों ने बड़ी सफलता हासिल की है। यहां के 50 से अधिक प्रतियोगियों ने प्रदेश की इस सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की है। हालांकि टॉपर्स की सूची के लिहाज से प्रतियोगियों में निराशा है। यहां के गिनती के प्रतियोगी ही एसडीएम और डिप्टी एसपी पद के लिए चयनित हुए हैं।
पूर्व में टॉपर्स समेत एसडीएम और डिप्टी एसपी के पदों पर इलाहाबाद के प्रतियोगियों का दबदबा होता था लेकिन इस बार अपेक्षित रिजल्ट नहीं रहा। यही वजह रही कि आयोग दफ्तर पर पीसीएस का रिजल्ट निकलने पर पहले जैसा उत्साह नहीं दिखा।
सहायक आयुक्त बनीं साधना सिंह
इलाहाबाद के कमला नगर में रहने वाली साधना सिंह का सहायक आयुक्त सहकारिता के पद पर चयन हुआ है। वहीं, पीसीएस-2014 में इलाहाबाद के दो सगे भाइयों वरूण और जितेंद्र पांडेय ने साथ-साथ सफलता हासिल की है। यूनाइटेड इंजीनियरिंग कालेज से बीटेक छोटे भाई वरुण का एसडीएम पद पर चयन हुआ है।
वहीं जितेंद्र असिस्टेंट कमिश्नर पद के लिए चयनित हुए हैं। जितेंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर एचके शर्मा के निर्देशन में रिसर्च कर रहे हैं।
वन विभाग में एसडीओ सोमधर पांडेय और श्रीमनी पांडेय के पुत्र वरुण पीसीएस-2012 और 2013 में भी चयनित हो चुके हैं। 2013 में उनका बीडीओ पद पर चयन हुआ था।