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बयान पर बवाल: नौकरी की उम्मीद छोड़ने की रिपोर्ट पर राहुल ने कसा तंज, मंत्रालय ने बताया भ्रामक
Tue, 26 Apr 2022 09:12 PM IST
सुभाष कुमार
जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Tue, 26 Apr 2022 09:12 PM IST
सार
पूरे मामले पर केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय का भी बयान सामने आया है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए इस रिपोर्ट का खंडन किया।
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Rahul Gandhi
- फोटो : PTI
विस्तार
कांग्रेस ने देश में बेरोजगारी के मुद्दे पर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए दावा किया ट्वीट कर तंज कसा कि न्यू इंडिया का न्यू नारा हर-घर बेरोजगारी, घर-घर बेरोजगारी। उन्होंने कहा कि 75 सालों में मोदी जी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनके ‘मास्टर स्ट्रोक’ से 45 करोड़ से ज़्यादा लोग नौकरी पाने की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।
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प्रियंका गांधी ने भी दिया बयान
महासचिव प्रियंका गांधी ने इस विषय में कहा कि सबसे ज्यादा युवा आबादी वाले देश में अगर सरकार आशा और उम्मीदों की बजाय निराशा व हताशा के बीज बो रही है, तो देश एवं युवाओं के भविष्य के लिए इससे बड़ा खतरा कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि 45 करोड़ लोगों ने हताश होकर रोजगार तलाशना छोड़ दिया। आज के दौर में यह हमारी सबसे बड़ी चिंता होनी चाहिए।
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केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय का बयान सामने आया
वहीं, पूरे मामले पर केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय का भी बयान सामने आया है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए इस रिपोर्ट का खंडन किया। मंत्रालय ने अपने ट्वीट में रिपोर्ट को साझा करते हुए बताया कि यह यह अनुमान लगाना कि कामकाजी उम्र की आधी आबादी ने काम की उम्मीद खो दी है, तथ्यात्मक रूप से गलत है। साल 2017-18 से 2019-20 के दौरान देश में श्रम बल और कार्यबल में वृद्धि देखने को मिली है।
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महिला कार्य बल का अनुपात पुरुषों से अधिक
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने आगे बताया कि साल 2017-18 से 2019-20 के बीच महिला श्रम बल के साथ-साथ महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात में वृद्धि भी पुरुष श्रम बल और श्रमिक जनसंख्या अनुपात में वृद्धि की तुलना में ज्यादा है।