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अभी हारा नहीं हूं; मैं सूरज बनने वाला हूं

                
                                                         
                            हाँ, मुश्किल है सफर मेरा,पर मैंने चलना छोड़ा नहीं,
                                                                 
                            
कई बार गिरा हूँ जीवन में, पर खुद से रिश्ता तोड़ा नहीं।

लोगों ने मुझको कम आँका, मैंने भी खुद को समझाया है,
जिसने मुझको कमजोर कहा,उसी ने मेरा हौसला बढ़ाया है।

आज जेब में कम सपने हैं,पर आँखों में आग अभी बाकी है,
रास्ते चाहे लाख रोकें, मेरी कोशिश अब भी बाकी है।

जो मिला नहीं, उसका गम क्या,जो है उसे सँवारूँगा,
हार अगर फिर सामने आई,उससे भी मैं लड़ जाऊँगा।

मुझको रोक सके ये दुनिया,इतनी इसकी ताकत क्या है?
मैं खुद अपनी राह बनाऊँ,मेरी मंज़िल मेरी ज़िद है।

घर की चिंता साथ रहेगी,अपनों का भी मान रखूँगा,
अपने हिस्से की हर मुश्किल हँसकर मैं स्वीकार करूँगा।

आज समय मेरे साथ नहीं,कल मेरा भी दिन आएगा,
मेहनत से जो रिश्ता जोड़ा,वो खाली हाथ न जाएगा।

मैं टूटूँगा, फिर जुड़ जाऊँगा,थकूँगा, फिर भी बढ़ता जाऊँगा,
जब तक साँस और हिम्मत है,तब तक मैं लड़ता जाऊँगा।

मैं अभी खत्म हुआ नहीं हूँ,मेरी कहानी बाकी है,
आज भले मैं पीछे हूँ,कल मेरी भी बारी है।
अरे जा रे अंधियारे, कमर ते बांध ले मै बन सूरज तुझे मिटाने वाला हूं......
मैं सूरज बनने वाला हूँ!....
मैं सूरज बनने वाला हूँ!!
~ सुधांशु रंजन तांती
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6 घंटे पहले

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