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PLI scheme : पीएलआई योजना के माध्यम से देश में सृजित होंगी 7.5 लाख नौकरियां

Fri, 11 Feb 2022 09:41 PM IST
सुभाष कुमार जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Fri, 11 Feb 2022 09:41 PM IST
सार

इस साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आने वाले पांच सालों में पीएलआई स्कीम के माध्यम से देशभर में 60 लाख नौकरियां सृजित करने की बात कही थी।

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Heavy Industries Ministry said that PLI scheme in Auto sector will create 7.5 lakh jobs in the country
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

सरकार को उम्मीद है कि ऑटो सेक्टर में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के माध्यम से देश में 7.5 लाख अतिरिक्त नौकरियां सृजित की जाएगी। यह जानकारी भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव अरुण गोयल ने दी। उन्होंने कहा कि इस साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आने वाले पांच सालों में पीएलआई स्कीम के माध्यम से देशभर में 60 लाख नौकरियां सृजित करने की बात कही थी। भारी उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को चैंपियन ओआएम पीआईएल योजना के तहत 20 आवेदन स्वीकृत किए हैं। 

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अरुण गोयल ने आगे बताया कि ऑटो कंपनियों ने पीएलआई योजना के तहत 45,016 करोड़ की योजनाओं को सामने रखा है। उन्होंने बताया कि आवेदन खिड़की को 60 दिनों के लिए खोला गया था। 9 जनवरी तक कुल 115 आवेदन आए हैं। इनमें 87 ऑटो कॉम्पोनेंट कैटेगरी और 38 ओईएम, वाहन कैटेगरी के अंतर्गत आए हैं। इनमें से 5 आवेदन दोनों ही कैटेगरी के लिए आए हैं। इसलिए 150 आवेदन में से 120 आवेदनकर्ताओं का चयन किया गया है। 
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ऑटो कॉम्पोनेंट के अंतर्गत 92 आवेदन आए हैं। यह प्रक्रिया में हैं और इनमें 3 से चार हफ्तों का समय लग सकता है। वहीं, ओईएम कैटेगरी के अंतर्गत 28 आवेदन में से 20 को योग्य माना गया है। अरुण गोयल ने बताया कि इन सभी कंपनीयों को अपने प्रोडक्शन को टेस्टिंग एजेंसी के पास में जमा कराना होगा। इसमें चयन के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है कि वैल्यू एडिशन का 50 फीसदी हिस्सा घरेलू या मेड इन इंडिया होना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि यह जांच टीयर थ्री तक जाकर की जाएगी। एमएसएमई सेक्टर में बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी। 
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इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलने वाले इंसेंटिव पर बात करते हुए गोयल ने बताया कि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में सबसे बेहतर इंसेंटिव प्रदान कर रहा है। इसके परिणाम स्वरूप आने वाले समय में सड़कों पर बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की वृद्धि देखने को मिलेगी। यह इलेक्ट्रिक वाहनों के इको सिस्टम को बढ़ावा देने में मदद करेगा। ऑटोमोबाइल और ऑटो कॉम्पोनेंट के लिए पीएलआई योजना (25,938 करोड़ रुपये), एसीसी के लिए पीएलआई (18,100 करोड़ रुपये) और इसके साथ ही फेम योजना  (10,000 करोड़ रुपये) भारत को पर्यावरण के दृष्टिकोण से स्वच्छ, सतत, एडवांस और बेहतर इलेक्ट्रिक वाहन आधारित प्रणाली बनाने में मदद करेगा। 

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