BPSC: 70वीं सीसीई परीक्षा के लिए कुछ दिन बाकी; राज्य से जुड़े तथ्यों पर दें खास ध्यान, ऐसे करें तैयारी
Exam Tips: बीपीएससी 70वीं सीसीई परीक्षा में अब गिनती के दिन बाकी है। परीक्षा 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली है। ऐसे में अभ्यर्थी विषय पर फोकस करने के लिए एक रोडमैप तैयार करके परीक्षा की तैयारी करेंगे, तो सफलता जरूर मिलेगी।
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सभी विषयों को समान महत्व दें
प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन (GS) का एक प्रश्न पत्र होता है, जिसमें दो घंटे के भीतर 150 बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। जीएस के किसी भी विषय को हल्के में न लें, क्योंकि परीक्षा में कठिन और सरल, दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। हो सकता है, जिस खंड को आप छोड़ दें, उससे ही सरल प्रश्न पूछ लिए जाएं। इसलिए सभी विषयों एक समान महत्व देते हुए रिवीजन करें।
परीक्षा में 20 से 30 प्रश्न करंट अफेअर्स से पूछे जाते हैं। इतना ही नहीं अन्य विषयों से संबंधित प्रश्न भी करंट अफेअर्स से जुड़े होते हैं। इसलिए विगत एक वर्ष के दौरान राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और बिहार में घटित राजनीतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक घटनाओं एवं केंद्र व बिहार सरकार के माध्यम से संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं पर पैनी नजर बनाए रखें। इसके लिए आप दैनिक समाचार पत्र और प्रतिष्ठित पत्रिका के साथ इंटरनेट और ऑनलाइन कटेंट का सहारा ले सकते हैं।
बिहार स्पेशल की भूमिका
इस परीक्षा में बिहार से संबंधित लगभग 30 से 40 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए जीएस के साथ-साथ बिहार स्पेशल पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके प्रश्न बहुत आसान प्रकृति के होते हैं। इसमें मुख्यतः बिहार का ऐतिहासिक परिदृश्य, भौगोलिक, आर्थिक, पर्यावरणीय पारिस्थितिकीय, कृषि और सांस्कृतिक विरासत से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
सामान्यतः इससे जुड़े प्रश्नों का लगातार दोहराव होता रहता है। इसलिए आप पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों के जरिये इसकी तैयारी कर सकते हैं। याद रखें जो भी पढ़ें, उसके शॉर्ट-नोट्स बनाते चलें। इससे आपको परीक्षा के अंतिम दिनों में महत्वपूर्ण तथ्यों को फटाफट दोहराने में आसानी होगी।
सकारात्मक दृष्टिकोण आवश्यक
कुछ भी नया पढ़ने के बजाय परीक्षा को लेकर निराशा, तनाव और दवाव में आने से बचें। सकारात्मक दृष्टिकोण और पूरे आत्मविश्वास के साथ विषयों का रिवीजन करके उसे अंतिम रूप देने की कोशिश करें। अन्यथा परीक्षा कक्ष में दुविधा के चलते आप गलत उत्तर का चयन कर सकते हैं। इसलिए विषयवस्तु, तथ्य और जानकारी का रिवीजन आवश्यक है। साथ ही, पूर्व के वर्षों की परीक्षाओं में पूछे गये प्रश्नों और मॉडल पेपर को हल करने का अधिक से अधिक अभ्यास करें।