Patna Topper Success Story: किराना स्टोर संचालक के बेटे ने टॉप की बीपीएससी परीक्षा, ऐसे पाई कामयाबी
पांच साल तक मैंने टीचिंग सेक्टर में नौकरी की। आखिरकार 2017 में बीपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ी और एक साल की कड़ी मेहनत के बाद 2018 में बीपीएससी की 64वीं परीक्षा दी और सफलता हासिल की। - ओम प्रकाश
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पटना शहर की सीमा से सटे फतुहा गांव में किराना दुकान संचालक विंदेश्वरी साव के बेटे ओमप्रकाश गुप्ता ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 64वीं परीक्षा में टॉप किया है। घर में पैसों की कमी होने की वजह से ओमप्रकाश को अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से ही प्राप्त करनी पड़ी। 2008 में एसकेएमवी कॉलेज से बारहवीं पास करने के बाद ओमप्रकाश का इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की और आईआईटी रुड़की में दाखिला लिया। बी-टेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद टीचिंग सेक्टर जॉइन किया।
नौकरी छोड़ शुरू की बीपीएससी की तैयारी
ओमप्रकाश गुप्ता बताते हैं कि पांच साल तक मैंने टीचिंग सेक्टर में नौकरी की। आखिरकार 2017 में बीपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ी। दुकानदारी करते-करते पढ़ाई करता था। जब कोई ग्राहक नहीं आता तो मैं अपनी किताबों में गुम हो जाता था। सरकारी स्कूल में पढ़ने की वजह से कम्युनिकेशन स्किल कमजोर थी। इसलिए उस पर काम करता था। एक साल की कड़ी मेहनत के बाद 2018 में बीपीएससी की 64वीं परीक्षा दी और सफलता हासिल की।
बेरोजगारी दूर और जनता को बेहतर सेवा देनी की दिशा में करूंगा काम
ओमप्रकाश कहते हैं कि मेरा उद्देश्य लोगों को बेहतर सेवा देना, गरीबी और बेरोजगारी को दूर करना है। मैं एक सरकारी कर्मचारी के रूप में कड़ी मेहनत और लगन के साथ काम करना चाहता हूं। मुझे एडमिनिस्ट्रेशन सेक्टर में पोस्ट मिली है। जहां मैं डिजिसजन मेकिंग विंग में काम और जनता की सेवा करूंगा।
Bihar: Om Prakash Gupta, a resident of Patna, tops Bihar Public Service Commission 64th Combined Competitive Examination.
— ANI (@ANI) June 7, 2021
"I didn't even imagine securing the first rank. I am really thrilled. My aim is to deliver efficient, effective, & quality service to people," he says. pic.twitter.com/xFylukNnnA