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Agniveer Reservation: अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने की तैयारी! इस राज्य की सरकार लाएगी नियम

Fri, 26 Jul 2024 05:25 PM IST
आकाश कुमार जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 26 Jul 2024 05:25 PM IST
सार

Agniveer Reservation: कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने एक अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की बात कही। धामी ने कहा कि इसके लिए जल्द ही कानून लाया जाएगा।

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Agniveers to get reservation in govt jobs in Uttarakhand: CM Dhami
भारतीय सेना - फोटो : पीटीआई

विस्तार

Reservation For Agniveers: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घोषणा की कि सशस्त्र बलों में सेवा देने के बाद लौटने पर अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाएगा। यह घोषणा राष्ट्र द्वारा कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर की गई।

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1999 में कारगिल युद्ध के दौरान राष्ट्र की भूमि की रक्षा के लिए अत्यंत कठिन परिस्थितियों में वीरतापूर्वक लड़ने वाले सशस्त्र बलों के कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धामी ने कहा कि आरक्षण बढ़ाने के लिए कानून लाया जाएगा।

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शहीद के परिजनों को 50 लाख तक सहायता राशि

उन्होंने कहा, "हम सरकारी सेवाओं में उन्हें आरक्षण देने के लिए प्रावधान करेंगे और एक अधिनियम लाएंगे। हम इस योजना पर काम कर रहे हैं। हम विभिन्न सरकारी विभागों में उनके कौशल और अनुशासन का उपयोग करेंगे।"

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की जाएगी।

सैनिकों को श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा, "देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपनी जान देने से बड़ा कोई बलिदान नहीं हो सकता। इस सर्वोच्च बलिदान के लिए कोई अनुदान या सम्मान पर्याप्त नहीं हो सकता।"

युद्ध में अपनी जान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए धामी ने कहा कि युद्ध में देश की जीत राजनीतिक नेतृत्व की क्षमता पर भी निर्भर करती है।

 

उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारत की जीत का श्रेय वीर सैनिकों के अलावा तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक साहस और दूरदर्शी नेतृत्व को भी जाता है। यही बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में भी सच है, जिनके नेतृत्व में सशस्त्र बलों का मनोबल पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ा है।" 

उन्होंने मोदी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सशस्त्र बलों के लिए कल्याणकारी उपायों को प्राथमिकता देने को रेखांकित करने के लिए OROP के कार्यान्वयन जैसे उदाहरणों का हवाला दिया। धामी ने कहा, "आज भी, वह (मोदी) द्रास सेक्टर में हमारे सैनिकों के साथ विजय दिवस मना रहे हैं।"

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