RRB Exam 2025: विरोध के बाद रेलवे ने लिया अहम फैसला, अब अभ्यर्थियों को धार्मिक प्रतीकों को हटाने की जरूरत नहीं
RRB Exam 2025: रेलवे विभाग ने विरोध के बाद अहम निर्णय लिया है। अब अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान धार्मिक प्रतीकों, जैसे मंगलसूत्र और जानिवारा को हटाने की आवश्यकता नहीं होगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
RRB Nursing Superintendent Exam: विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने रेलवे विभाग की नर्सिंग अधीक्षक परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों से धार्मिक प्रतीकों को हटाने के निर्देश पर सोमवार को विरोध जताया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
बड़े विरोध के बाद, रेलवे अधिकारियों ने अब स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले मंगलसूत्र (विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला पवित्र हार) और जानिवारा (ब्राह्मणों द्वारा पहना जाने वाला पवित्र धागा) जैसे धार्मिक प्रतीकों को हटाने की आवश्यकता नहीं होगी।
बढ़ते आक्रोश के बीच रेल राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने मामले में हस्तक्षेप किया और स्पष्ट किया कि रेलवे भर्ती बोर्ड की नर्सिंग अधीक्षक परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों को कोई धार्मिक प्रतीक या मंगलसूत्र उतारने की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाए।
अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षा मंगलवार (29 अप्रैल) को मंगलुरु के बोंडेल स्थित मनैल श्रीनिवास नायक बेसेंट विद्या केंद्र में आयोजित की जाएगी।
प्रारंभ में, एडमिट कार्ड में अभ्यर्थियों को परीक्षा देने से पहले मंगलसूत्र और जानिवारा उतारने का निर्देश दिया गया था।
हिंदू संगठनों का विरोध
पीटीआई से बात करते हुए विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय नेता शरण पम्पवेल ने कहा, "हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं; यदि परीक्षा अधिकारियों द्वारा इनमें से कोई भी कदम (अभ्यर्थियों से हिंदू धार्मिक प्रतीकों को हटाना) उठाया जाता है, तो हम सुधारात्मक कदम उठाएंगे।"
हिंदू संगठनों ने तर्क दिया कि इससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
विहिप प्रवक्ता ने कहा, "विवाहित महिलाओं से उनका मंगलसूत्र और पवित्र सिंदूर हटाने को कहना, या पुरुषों से उनका जानिवारा हटाने को कहना, करोड़ों लोगों द्वारा पालन की जाने वाली पवित्र हिंदू परंपराओं पर हमला करने के समान है।"
संगठन ने जिला प्राधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की कि हिंदू अभ्यर्थियों को उनकी धार्मिक पहचान से समझौता किए बिना परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए।
यह विवाद हाल ही में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के दौरान हुई घटनाओं के मद्देनजर सामने आया है, जहां कुछ परीक्षा केंद्रों पर कुछ अभ्यर्थियों से कथित तौर पर उनके जनेऊ उतारने को कहा गया था।
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस मुद्दे पर बेंगलुरू में पत्रकारों के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र में सरकार का नेतृत्व करने वाली पार्टी भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "हम कहते रहे हैं कि मंगलसूत्र, जनीवर जैसी धार्मिक चीजों की जांच होनी चाहिए, लेकिन उन्हें हटाने के लिए कहना सही नहीं है। भाजपा का असली चेहरा अलग है। वे कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं... इसे वापस लिया जाना चाहिए और लोगों को इसके खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करना चाहिए।"