नहीं रहेंगे बेरोजगार अगर जान लेंगे ये 6 तरीके, आजमाकर देखें
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ग्रामीण प्रबंधन में कृषि उत्पाद, उद्योगों तथा खादी ग्रामोद्योग पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए योग्यता स्नातक निर्धारित है। रूरल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद आप एनजीओ, गवर्नमेंट डेवलपमेंट एजेंसी, को-ऑपरेटिव बैंक, इंश्योरेन्स सेक्टर आदि में भी नौकरी के लिए प्रयास कर सकते हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट, जयपुर, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली और एमिटी स्कूल ऑफ रूरल मैनेजमेंट, नोएडा में संबंधित कोर्स कराए जाते हैं।
खाद्य सामग्री काफी मात्रा में खराब होती हैं। खाद्य प्रौद्योगिकी एवं प्रसंस्करण तकनीक के जरिए बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री का प्रसंस्करण कर उन्हें खराब होने से बचाया जा सकता है तथा बाजार में उपभोग हेतु सही चीजें उपलब्ध कराई जा सकती है। अगर आंकड़ों की मानें, तो इस क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग ढाई लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। जी.बी.पंत एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, पंतनगर, उत्तराखण्ड, इग्नू, मैदानगढ़ी, नई दिल्ली, नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल और सरदार बल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकीविश्वविद्यालय, मेरठ में कोर्स कराए जाते हैं।
डेयरी टेक्नोलॉजी भी प्रशिक्षित पेशेवरों के लिए कार्य के कई विकल्प उपलब्ध कराता है। यहां सार्वजनिक व निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के कई विकल्प हैं। यहां प्रशिक्षित लोगों को डेयरी फार्म, कोऑपरेटिव सोसायटी, ग्रामीण बैंकों, मिल्क प्रोडक्ट्स प्रोसेसिंग व मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में कार्य के मौके मिलते हैं। डेयरी तकनीक में दक्ष व्यक्ति चाहें तो अपना मिल्क प्लांट, क्रीमरी, आइसक्रीम यूनिट भी शुरू कर सकते हैं। नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल और आनंद एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, आनंद (गुजरात) में संबंधित कोर्स कराए जाते हैं।
फ्लोरिकल्चर से करें कमाई-
फूलों की महक ने भी रोजगार के नए अवसर खोले हैं। इस क्षेत्र में फूलों के उत्पादन का काम तो हा साथ ही पैकेजिंग व आपूर्ति तक का प्रबंधन शामिल है। फूल उगाने से लेकर फूलों का व्यापार, उत्पादन, पौधारोपण और उसके बीजों का संरक्षण जैसे कार्य फ्लोरिकल्चर का ही हिस्सा है। इस उद्योग में फार्म मैनेजर, पौधारोपण विशेषज्ञ, प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर जैसे कई पद हैं। कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कॉलेज ऑफ हॉर्टी कल्चर एंड फॉरेस्ट्री, अरुणाचल प्रदेश, सर्टिफिकेट कोर्स इन फ्लोरिकल्चर, नालंदा ओपन विश्वविद्यालय, पटना और इलाहाबाद स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, इलाहाबाद में कोर्स कराए जाते हैं।