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Jharkhand: वोटर लिस्ट मैपिंग तेज, 1.61 करोड़ मतदाताओं का रिकॉर्ड अपडेट, सीईओ ने दिया सख्त निर्देश
Tue, 02 Dec 2025 04:14 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 02 Dec 2025 04:14 PM IST
सार
रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची का विगत एसआईआर की सूची से मिलान करते हुए अब तक 1.61 करोड़ से अधिक मतदाताओं का पैतृक मैपिंग पूरा कर लिया गया है।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का विगत एसआईआर की मतदाता सूची से मैपिंग के क्रम में अब तक 1 करोड़ 61 लाख 55 हजार 740 मतदाताओं का मैपिंग किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं एक से अधिक स्थान पर सूचीबद्ध श्रेणी के 12 लाख मतदाताओं को सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही मतदाता सूची के मैपिंग से जुड़े अन्य कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को निर्वाचन सदन से कम पैतृक मैपिंग करने वाले विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ और सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।
के. रवि कुमार ने कहा कि विगत एसआईआर के बाद राज्य में अन्य राज्यों से आए मतदाताओं तथा जिन मतदाताओं का पिछले एसआईआर की मतदाता सूची से मैपिंग में कठिनाई हो रही है, उनका मैपिंग संबंधित राज्य के सीईओ की वेबसाइट अथवा भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट का उपयोग करते हुए सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि https://voters.eci.gov.in/ पोर्टल का उपयोग करते हुए अन्य राज्यों से आए मतदाताओं का पैतृक मैपिंग करें, वहीं झारखंड के मतदाताओं की मैपिंग के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड की वेबसाइट का उपयोग हो।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि कम परफॉर्मेंस वाले बीएलओ को चिन्हित कर बैचवार प्रशिक्षण दिया जाए और मतदाताओं को भी पैतृक मैपिंग की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो बीएलओ पिछले एसआईआर की मतदाता सूची से मतदाता का विवरण खोजने में कठिनाई महसूस कर रहे हों, वे अपने जिला मुख्यालय के हेल्पडेस्क मैनेजर से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने ईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बीएलओ को उनके कार्यक्षेत्र में होने वाली समस्याओं का मूल्यांकन कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि वे पैतृक मैपिंग का कार्य सुगमता से कर सकें।
पढे़ं: 6,000 ग्राहकों की ID से करोड़ों की ठगी का नेटवर्क ध्वस्त; पलामू पुलिस का खुलासा
उन्होंने निर्देश दिया कि एसआईआर के दौरान कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से छूटे नहीं, इसे विशेष ध्यान में रखकर कार्य किया जाए। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर सहित सभी जिलों के ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को निर्वाचन सदन से कम पैतृक मैपिंग करने वाले विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ और सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।
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के. रवि कुमार ने कहा कि विगत एसआईआर के बाद राज्य में अन्य राज्यों से आए मतदाताओं तथा जिन मतदाताओं का पिछले एसआईआर की मतदाता सूची से मैपिंग में कठिनाई हो रही है, उनका मैपिंग संबंधित राज्य के सीईओ की वेबसाइट अथवा भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट का उपयोग करते हुए सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि https://voters.eci.gov.in/ पोर्टल का उपयोग करते हुए अन्य राज्यों से आए मतदाताओं का पैतृक मैपिंग करें, वहीं झारखंड के मतदाताओं की मैपिंग के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड की वेबसाइट का उपयोग हो।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि कम परफॉर्मेंस वाले बीएलओ को चिन्हित कर बैचवार प्रशिक्षण दिया जाए और मतदाताओं को भी पैतृक मैपिंग की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो बीएलओ पिछले एसआईआर की मतदाता सूची से मतदाता का विवरण खोजने में कठिनाई महसूस कर रहे हों, वे अपने जिला मुख्यालय के हेल्पडेस्क मैनेजर से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने ईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बीएलओ को उनके कार्यक्षेत्र में होने वाली समस्याओं का मूल्यांकन कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि वे पैतृक मैपिंग का कार्य सुगमता से कर सकें।
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रवि कुमार ने कहा कि मैपिंग के दौरान एएसडी सूची से मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं के पैतृक मैपिंग को प्राथमिकता दी जाए। अधिक पैतृक मैपिंग से एसआईआर के समय कम मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे और पूरी प्रक्रिया भी अधिक सरल हो जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि एसआईआर के दौरान कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से छूटे नहीं, इसे विशेष ध्यान में रखकर कार्य किया जाए। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर सहित सभी जिलों के ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित रहे।