{"_id":"5f1bb7a88ebc3e63750f6b59","slug":"the-high-court-said-the-current-situation-in-jharkhand-is-pointing-to-a-huge-chaos","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च न्यायालय ने कहा, झारखंड के वर्तमान हालात भारी अव्यवस्था की ओर इशारा कर रहे हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च न्यायालय ने कहा, झारखंड के वर्तमान हालात भारी अव्यवस्था की ओर इशारा कर रहे हैं
Sat, 25 Jul 2020 10:10 AM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Rohit Ojha
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:10 AM IST
विज्ञापन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।शुक्रवार को कोर्ट ने कहा कि राज्य में वर्तमान हालात भारी अव्यवस्था की ओर इशारा कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश डा. रविरंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने आज कोरोना वायरस संक्रमण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त टिप्पणी की।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘अब तक सरकार यह दावा कर रही थी कि राज्य में पर्याप्त डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी हैं। जांच के लिए पर्याप्त सुविधा है, लेकिन जो हालात नजर आ रहे हैं, वह डराने वाले हैं।’ पीठ ने कहा, ‘राज्य में स्थिति यह है कि उच्च न्यायालय के कुछ कर्मचारियों के कोविड-19 जांच के नमूने 15 जुलाई को ट्रूनेट मशीन से लिए गए थे, लेकिन आज तक उनकी रिपोर्ट नहीं मिली है।’
विज्ञापन
उन्होंने कहा, ‘उच्च न्यायालय में स्वास्थ्य सचिव से लेकर सभी अधिकारी किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार रहने की बात करते रहे, लेकिन वर्तमान हालात तो भारी अव्यवस्था की तरफ इशारा कर रहे हैं।’ पीठ ने उच्च न्यायालय के खाली भवन को उच्च न्यायालय के तृतीय और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के लिए आइसोलेशन सेंटर बनाने, न्यायाधीशों के लिए अतिथि गृह को आइसोलेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव भी सरकार को दिया। इसके अलावा न्यायिक अकादमी के खाली भवन का उपयोग भी आइसोलेशन सेंटर के रुप में करने का प्रस्ताव सरकार को दिया।
विज्ञापन