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नमाज के लिए विशेष कमरा: झारखंड हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान दिलचस्प बातें आई सामने, जानिए इस बारे में सब कुछ
Thu, 21 Sep 2023 11:07 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:07 PM IST
सार
झारखंड विधानसभा ने गुरुवार को राज्य उच्च न्यायालय को सूचित किया कि कम से कम तीन राज्यों (बिहार, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल) में नमाज अदा करने के लिए एक अलग कमरा मौजूद है।
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Jharkhand High Court
- फोटो : Social Media
विस्तार
झारखंड विधानसभा ने गुरुवार को राज्य उच्च न्यायालय को सूचित किया कि कम से कम तीन राज्यों में - बिहार, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में नमाज अदा करने के लिए विशेष कमरे मौजूद हैं। झारखंड विधानसभा में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए नमाज कक्ष के निर्माण पर एक जनहित याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की खंडपीठ द्वारा की जा रही थी।
विधानसभा के वकील अनिल कुमार ने कहा, झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर विचार के लिए राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के सात विधायकों की एक समिति गठित की थी। समिति ने अन्य राज्यों की विधानसभाओं से विवरण मांगा है कि क्या उनके परिसर में नमाज कक्ष हैं।
अनिल कुमार ने कहा, छह राज्य बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, और छत्तीसगढ़ पहले ही झारखंड विधानसभा के साथ पत्र व्यवहार कर चुके हैं, जिनमें नमाज कक्ष की जानकारी मिली। जबकि अन्य राज्यों की रिपोर्ट की प्रतीक्षा है। रिपोर्ट आ जाने के बाद, विधायकों की समिति इसका विश्लेषण करेगी और उच्च न्यायालय को अपने फैसले से अवगत कराएगी।
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वहीं याचिकाकर्ता अजय कुमार मोदी ने अपनी याचिका में कहा, झारखंड विधानसभा में विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एक कमरा आवंटित करना अन्य लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। धर्म के समान अधिकार का उल्लंघन है और राज्य को इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए। 2021 में राज्य विधानसभा में नमाज के लिए कमरे का आवंटन किया गया। विपक्षी बीजेपी ने इसका विरोध किया और विधानसभा परिसर में हनुमान मंदिर बनाने की मांग की।
मामले में अगली सुनवाई 14 दिसंबर सुनिश्चित की गई है।
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विधानसभा के वकील अनिल कुमार ने कहा, झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर विचार के लिए राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के सात विधायकों की एक समिति गठित की थी। समिति ने अन्य राज्यों की विधानसभाओं से विवरण मांगा है कि क्या उनके परिसर में नमाज कक्ष हैं।
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अनिल कुमार ने कहा, छह राज्य बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, और छत्तीसगढ़ पहले ही झारखंड विधानसभा के साथ पत्र व्यवहार कर चुके हैं, जिनमें नमाज कक्ष की जानकारी मिली। जबकि अन्य राज्यों की रिपोर्ट की प्रतीक्षा है। रिपोर्ट आ जाने के बाद, विधायकों की समिति इसका विश्लेषण करेगी और उच्च न्यायालय को अपने फैसले से अवगत कराएगी।
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वहीं याचिकाकर्ता अजय कुमार मोदी ने अपनी याचिका में कहा, झारखंड विधानसभा में विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एक कमरा आवंटित करना अन्य लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। धर्म के समान अधिकार का उल्लंघन है और राज्य को इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए। 2021 में राज्य विधानसभा में नमाज के लिए कमरे का आवंटन किया गया। विपक्षी बीजेपी ने इसका विरोध किया और विधानसभा परिसर में हनुमान मंदिर बनाने की मांग की।
मामले में अगली सुनवाई 14 दिसंबर सुनिश्चित की गई है।