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झारखंड: सोनिया गांधी के आपातकाल बयान पर भाजपा का हमला, प्रतुल शाह देव बोले- यह 'सुविधा की राजनीति'
Sun, 08 Nov 2026 01:09 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Sun, 08 Nov 2026 01:09 PM IST
सार
सोनिया गांधी के आपातकाल को लेकर दिए गए बयान पर झारखंड भाजपा ने कांग्रेस को घेरा है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने सोनिया गांधी पर 'सुविधा की राजनीति' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के 51 साल बाद सोनिया गांधी इस मुद्दे पर अपनी बात रख रही हैं और इसके लिए संजय गांधी को जिम्मेदार ठहराते हुए राजीव गांधी को इससे अलग बता रही हैं।
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भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आपातकाल के 51 साल बाद इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के बयान पर झारखंड भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी आपातकाल की जिम्मेदारी तय करने के मामले में 'सुविधा की राजनीति' कर रही हैं। प्रतुल शाह देव ने सवाल उठाया कि आपातकाल के लिए एक गांधी परिवार के सदस्य को जिम्मेदार और दूसरे को निर्दोष बताने की कोशिश क्यों की जा रही है।
सोनिया गांधी के बयान पर भाजपा ने उठाए सवाल
रांची में प्रतुल शाह देव ने कहा कि आपातकाल लागू हुए करीब 51 साल बीत चुके हैं। अब सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। सोनिया गांधी के अनुसार, आपातकाल संजय गांधी के जोर देने का नतीजा था और यह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सोच का परिणाम था। उन्होंने यह भी दावा किया कि राजीव गांधी वास्तव में आपातकाल के खिलाफ थे। भाजपा प्रवक्ता ने सोनिया गांधी के इन दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि आपातकाल जैसे ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम को लेकर अब इस तरह की सफाई देना कई सवाल खड़े करता है।
राजीव गांधी की भूमिका को लेकर प्रतुल शाह देव का सवाल
प्रतुल शाह देव ने कहा कि राजीव गांधी के आपातकाल का विरोध करने की बात कहकर सोनिया गांधी एक विशेष संकेत देने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने निजी व्यक्तियों की भूमिका और उनकी राय का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, उस समय कुछ ऐसे लोग भी थे जो न तो सार्वजनिक जीवन में थे और न ही सरकार का हिस्सा थे, लेकिन उनकी भूमिका या राय को लेकर चर्चा की जा रही है।
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'एक भाई को दोषी, दूसरे को निर्दोष बताने की कोशिश'
भाजपा प्रवक्ता ने इसे विडंबनापूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी अब एक भाई को दोषी और दूसरे को निर्दोष बताकर आपातकाल के लिए प्रायश्चित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने सोनिया गांधी के बयान को 'सुविधा की राजनीति' करार दिया। इस बयान के साथ ही आपातकाल की जिम्मेदारी और उस दौर में गांधी परिवार के अलग-अलग सदस्यों की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस फिर चर्चा में आ गई है।
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सोनिया गांधी के बयान पर भाजपा ने उठाए सवाल
रांची में प्रतुल शाह देव ने कहा कि आपातकाल लागू हुए करीब 51 साल बीत चुके हैं। अब सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। सोनिया गांधी के अनुसार, आपातकाल संजय गांधी के जोर देने का नतीजा था और यह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सोच का परिणाम था। उन्होंने यह भी दावा किया कि राजीव गांधी वास्तव में आपातकाल के खिलाफ थे। भाजपा प्रवक्ता ने सोनिया गांधी के इन दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि आपातकाल जैसे ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम को लेकर अब इस तरह की सफाई देना कई सवाल खड़े करता है।
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राजीव गांधी की भूमिका को लेकर प्रतुल शाह देव का सवाल
प्रतुल शाह देव ने कहा कि राजीव गांधी के आपातकाल का विरोध करने की बात कहकर सोनिया गांधी एक विशेष संकेत देने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने निजी व्यक्तियों की भूमिका और उनकी राय का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, उस समय कुछ ऐसे लोग भी थे जो न तो सार्वजनिक जीवन में थे और न ही सरकार का हिस्सा थे, लेकिन उनकी भूमिका या राय को लेकर चर्चा की जा रही है।
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'एक भाई को दोषी, दूसरे को निर्दोष बताने की कोशिश'
भाजपा प्रवक्ता ने इसे विडंबनापूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी अब एक भाई को दोषी और दूसरे को निर्दोष बताकर आपातकाल के लिए प्रायश्चित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने सोनिया गांधी के बयान को 'सुविधा की राजनीति' करार दिया। इस बयान के साथ ही आपातकाल की जिम्मेदारी और उस दौर में गांधी परिवार के अलग-अलग सदस्यों की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस फिर चर्चा में आ गई है।