Jharkhand: वरुण ग्रोवर ने गुमला लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत की, झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक छटा को जमकर सराहा
इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संदेश को पढ़ा गया था। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में गुमला की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव से सिर्फ साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच ही नहीं मिलेगा, बल्कि स्थानीय भाषाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।
विस्तार
प्रसिद्ध गीतकार और लेखक वरुण ग्रोवर ने गुमला लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत की। झारखंड पर्यटन विभाग के मुताबिक, वरुण गुमला लिटरेचर फेस्टिवल 2.0 में अपनी कहानी कहने का जादू लेकर आए हैं। वे झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक छटा में डूबे हुए हैं। शब्दों, लय और विरासत के संगम का जश्न मना रहे हैं। यहां पहुंचकर उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शानदार है। यहां के लोग शानदार हैं। यहां के गांव, यहां की सुंदरता कमाल की है।
Renowned lyricist and writer Varun Grover brings his storytelling magic to Gumla Literature Festival 2.0! He immerses himself in the rich cultural vibes of Jharkhand, celebrating the fusion of words, rhythm, and heritage.
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#GumlaLitFest @HemantSorenJMM pic.twitter.com/ebLRUz4yHSविज्ञापन विज्ञापन— Jharkhand Tourism (@VisitJharkhand) February 19, 2025
उन्होंने कहा कि झारखंड में मेरा ससुराल है। मेरी पत्नी बोकारो की हैं। वैसे तो हम झारखंड के मेहमान हैं ही, लेकिन इस बार हमें दूसरे तरह की मेहमाननवाजी देखने को मिला है। गुमला लिटरेचर फेस्टिवल में आना शानदार है। मेरा अनुभव शानदार रहा है। यहां सब कुछ है। यहां का रहन सहन, यहां का खाना, सब कुछ बेहतरीन है। मुझे लगता है कि यहां के पर्यटन में काफी संभावनाएं हैं।
इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संदेश को पढ़ा गया था। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में गुमला की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव से सिर्फ साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच ही नहीं मिलेगा, बल्कि स्थानीय भाषाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।