सीजीएल पेपर लीक: 24 से अधिक सफल अभ्यर्थियों को सीआईडी का नोटिस, पूछताछ के लिए रांची बुलाया
एसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली और सेटिंग के मामले में सीआईडी ने बेंगाबाद क्षेत्र के 24 से अधिक सफल अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए रांची बुलाया है। उनसे करीबी रिश्तेदारों के मोबाइल फोन और बैंक खातों का विवरण मांगा गया है।
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कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली और सेटिंग के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी की कार्रवाई से बेंगाबाद क्षेत्र के सफल अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई है। सीआईडी ने क्षेत्र के 24 से अधिक सफल अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए रांची बुलाया है। उनसे करीबी रिश्तेदारों के मोबाइल फोन, बैंक खातों का विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज पेश करने को कहा गया है। जांच एजेंसी इन जानकारियों के आधार पर अभ्यर्थियों और कथित गिरोह के बीच संभावित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
इसी मामले में सीआईडी की विशेष टीम जेल में बंद आरोपी सहायक समीक्षा अधिकारी (एएसओ) समीर उर्फ शालू के घर तीसरी बार छापेमारी कर चुकी है। यहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
एएसओ समीर के घर से मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल उपकरण जब्त
सीआईडी की टीम ने एएसओ समीर के आवास से उसके परिजनों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। जांच एजेंसी इन उपकरणों की मदद से परीक्षा में कथित धांधली और पैसों के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, सीआईडी ने मामले के कथित मास्टरमाइंड विकास तिवारी के ससुराल में भी छापेमारी की। बदवारा पंचायत के हथबोर गांव में दबिश देकर विकास के ससुर और सहायक शिक्षक विकास पांडेय को पूछताछ के लिए रांची बुलाया गया है।
विकास तिवारी के परिजनों की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच में विकास तिवारी पर प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। इस कथित नेटवर्क में उसके दो वर्षों की भूमिका भी जांच एजेंसी के रडार पर है। विकास तिवारी की पत्नी भी परीक्षा में सफल हुई थी और फिलहाल जेल में बंद है। वहीं, उसका एक साला अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके विदेश में होने की जानकारी सामने आई है। सीआईडी ने उसके घर पर इश्तेहार भी चिपकाया है, लेकिन उसने अब तक आत्मसमर्पण नहीं किया है। मामले में सीआईडी अब अभ्यर्थियों के बैंक खातों, रिश्तेदारों के मोबाइल फोन और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।