Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   hemant-soren-adivasi-samaj-maranga-buru-mahasammelan-giridih-jharkhand

झारखंड: 'जंगल हमारे लिए भगवान के समान', मरांग बुरू महासम्मेलन में बोले- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

Thu, 05 Nov 2026 09:29 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी Updated Thu, 05 Nov 2026 09:29 PM IST
सार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गिरिडीह के पीरटांड़ में आयोजित मरांग बुरू धोरोमगाड़ महासम्मेलन में आदिवासी समाज से संगठित और सशक्त होने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से अपनी परंपरा और रीति-रिवाजों को समझने की अपील करते हुए कहा कि नशाखोरी समाज को कमजोर कर रही है।

विज्ञापन
hemant-soren-adivasi-samaj-maranga-buru-mahasammelan-giridih-jharkhand
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज गिरिडीह जिले के पीरटांड़ स्थित मधुबन थाना मैदान में आयोजित 'मरांग धोरोमगाड़ महासम्मेलन' में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित जनसमुदाय को संताली भाषा में संबोधित करते हुए आदिवासी समाज को और मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को विशिष्ट सामाजिक अधिकार प्राप्त हैं, जिन्हें भारतीय संविधान में भी मान्यता दी गई है।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि देश में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां आदिवासी समाज की सहमति और अनुमति के बिना कोई भी कार्य संपन्न नहीं किया जा सकता। उन्होंने महासम्मेलन में उपस्थित जनसमूह को शुभकामनाएं देते हुए समाज को संगठित, सशक्त और प्रगतिशील बनाने की दिशा में किए जा रहे सार्थक प्रयासों की सराहना की। साथ ही, समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक सहभागिता और आपसी सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि मरांग बुरू धोरोमगाड़ का संरक्षण आवश्यक है। इसकी देखभाल कैसे करनी है, इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

आदिवासी समाज देश का सबसे पुराना समाज
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज देश का सबसे पुराना समाज है। समाज की जड़ मजबूत है, लेकिन शाखाएं भिन्न हो गई हैं। वर्तमान समय में समाज के कुछ लोग खुद को हिंदू मानते हैं, तो कुछ सरना कहते हैं। लोग जनजातीय भाषा भी बोल रहे हैं और हिंदी भी। हमारे पूर्वज जंगलों में निवास करते थे। जंगल से रोजगार मिलता है। जंगल हमारे लिए भगवान के समान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अपनी परंपरा व रीति-रिवाज को समझें युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी दिशोम गुरु शिबू सोरेन और पूजनीय माता रूपी सोरेन का निधन हो गया है। पारंपरिक विधि-विधान और रीति-रिवाज के साथ उनका द्वादशकर्म संपन्न किया गया। उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया कि उन्हें अपनी परंपरा और रीति-रिवाज को समझना चाहिए। साथ ही, अपने समाज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया इतनी तरक्की कर गई है कि लोग चांद पर पहुंच गए हैं। वैज्ञानिक शोध हो रहे हैं। आदिवासी समाज अभी भी शैक्षणिक, बौद्धिक और आर्थिक रूप से कमजोर है। समाज के उत्थान के लिए हम सभी को एकत्रित और संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो दिया है, उसे हम खोते जा रहे हैं। हमारे समाज में जीविकोपार्जन का मुख्य साधन पशुपालन और कृषि कार्य था, लेकिन वर्तमान पीढ़ी इससे दूर हो रही है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर आप सभी ने सुदिव्य कुमार सोनू को विधायक बनाया था और मैंने उन्हें मंत्री पद देकर क्षेत्र का मान बढ़ाया था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। वे हम लोगों से दूर हो गए। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी दिशोम गुरु शिबू सोरेन से राज्य को बड़ी शक्ति मिली। उन्होंने झारखंड राज्य को अलग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन राज्य अलग हुए 25 वर्ष से अधिक समय हो गए हैं, फिर भी अभी तक अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि विकास के पथ पर अग्रसर रहने के लिए हम सभी को तैयार होना होगा।

ये भी पढ़ें- बिहार में शपथ ग्रहण की तैयारी!: एक डिप्टी सीएम रिटायर होंगे, निशांत कुमार को पद दिए जाने की चर्चा
नशाखोरी कर रही है कमजोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशाखोरी आदिवासी समाज को कमजोर कर रही है। समाज के लोग नशाखोरी की गिरफ्त में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके लिए योजना बनाई है। 'नशामुक्त जीवन हो हमारा' के तहत सामूहिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

साथ ही, झारखंड में हड़िया और अवैध शराब (दारू) के निर्माण व बिक्री की रोकथाम के लिए फूलो-झानो आशीर्वाद योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य हड़िया-दारू बेचने वाली महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका और स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नशाखोरी बंद करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पिछले दो साल से कई नजदीकी लोगों की मृत्यु से आहत हैं। उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंच की ओर से जो ज्ञापन दिया गया है, उस पर न्यायसंगत विचार किया जाएगा। समाज के लोगों को हरसंभव मदद मिलेगी।

गार्ड ऑफ ऑनर
मुख्यमंत्री के गिरिडीह के पीरटांड़ स्थित मधुबन के सीआरपीएफ कैंप परिसर स्थित हेलीपैड पहुंचने पर स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। साथ ही, आईजी, डीआईजी, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने उनका स्वागत किया।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed