झारखंड: यूजीसी के खिलाफ प्रदेश में आंदोलन की तैयारी, 8 अक्तूबर को लोकभवन मार्च निकालेगा सवर्ण मोर्चा
यूजीसी के खिलाफ झारखंड में भी विरोध तेज होने की तैयारी है। अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा 8 अक्टूबर को रांची में लोकभवन मार्च निकालेगा। मोर्चा सवर्ण आयोग के गठन, एससी-एसटी एक्ट समाप्त करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग करेगा।
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यूजीसी के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध के बीच अब झारखंड में भी आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने रांची में बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की। बिरसा चौक स्थित पार्क इन होटल में हुई बैठक में सर्वसम्मति से 8 अक्टूबर को लोकभवन मार्च निकालने का निर्णय लिया गया। इस दौरान राज्यपाल संतोष गंगवार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया जाएगा।
मोर्चा की ओर से बताया गया कि 8 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे सभी कार्यकर्ता और समर्थक जयपाल सिंह स्टेडियम में जुटेंगे। यहां से पैदल मार्च शुरू होगा। सबसे पहले उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद मार्च लोकभवन की ओर रवाना होगा। लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह ने आरोप लगाया कि यूजीसी कानून सवर्ण समाज को दबाने की साजिश है। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों के रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे। मोर्चा ने सवर्ण आयोग के गठन, एससी-एसटी एक्ट समाप्त करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने समेत कई मांगें रखीं।
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कमल ठाकुर ने कहा कि गरीबी सभी जातियों में है। ऐसे में किसी एक वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। वहीं, राष्ट्रीय सचिव सुनील कुमार सिंह ने कहा कि जब तक यूजीसी से जुड़ी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
देवेश सिंह सोलंकी ने कहा कि सवर्ण समाज के साथ अन्याय और शोषण हो रहा है। बैठक में महाबीर सिंह, अभिषेक द्विवेदी, विशाल सिंह, विकास सिंह, जीवेश सिंह, बिंदु सिंह, धनंजय सिंह, संतोष कुमार सिंह, हरी सिंह, भोला झा और रंजन मिश्रा समेत कई लोग मौजूद रहे।