झारखंड: आईआईआईटी रांची में छात्र की खुदकुशी पर शिक्षा मंत्रालय सख्त, जांच के लिए बनाई तीन सदस्यीय समिति
आईआईआईटी रांची में प्रथम वर्ष के बीटेक छात्र आदित्य कुमार की खुदकुशी के मामले में शिक्षा मंत्रालय ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। घटना के बाद छात्रों ने सड़क जाम कर संस्थान के निदेशक के इस्तीफे और कार्रवाई की मांग की।
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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) रांची के छात्रावास में प्रथम वर्ष के बीटेक छात्र की खुदकुशी के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने घटना की परिस्थितियों और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी करेंगी।
समिति में मंत्रालय के एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और एक वरिष्ठ अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। झारखंड की राजधानी रांची में स्थित यह संस्थान शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर स्थापित है।
परीक्षा खराब होने से मानसिक तनाव में था छात्र
संस्थान के छात्रावास में शनिवार रात बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मूल रूप से बिहार के भागलपुर का रहने वाला आदित्य पिछले दो दिनों से सेमेस्टर परीक्षा खराब होने के कारण मानसिक तनाव में था। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 8:30 बजे उसका सह-कमरा साथी सक्षम पास के कमरे में गया था। इसी दौरान आदित्य ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और तौलिए के सहारे फांसी लगा ली।
लिफ्ट बंद होने पर सीढ़ियों से नीचे लाए छात्र
मृतक के सहपाठी ललित रंजन के अनुसार, छात्रों ने जब आदित्य को फंदे से नीचे उतारा, तब उसकी सांसें चल रही थीं। उनका आरोप है कि मौके पर मौजूद केयरटेकर दीपक रौशन ने मदद करने के बजाय छात्रों को आदित्य के पास जाने और उसे छूने से मना कर दिया। उस समय बिजली कटने के कारण छात्रावास की लिफ्ट बंद थी। ऐसे में छात्र गंभीर हालत में आदित्य को पांचवीं मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे बैडमिंटन कोर्ट तक लेकर आए। घटना के बाद आक्रोशित विद्यार्थियों ने पूरी रात छात्रावास परिसर में हंगामा किया।
सड़क जाम कर निदेशक के इस्तीफे की मांग
घटना से नाराज छात्रों ने रविवार सुबह 11:30 बजे खेलगांव-लालगंज मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने कथित लापरवाही बरतने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई।
करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने के बाद पुलिस ने छात्रों को समझाकर वहां से हटाया। इसके बाद छात्र पास के हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में सड़क पर बैठ गए। घटना को लेकर छात्रों में आक्रोश बना हुआ है।