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झारखंड: अक्तूबर की जेटेट परीक्षा अब 1 नवंबर को होने की उम्मीद, बीते दस साल से इंतजार कर रहे अभ्यर्थी
Sat, 26 Sep 2026 04:57 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 26 Sep 2026 04:57 PM IST
सार
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 की 11 अक्तूबर की प्रस्तावित परीक्षा अब 1 नवंबर को होने की संभावना है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने हाईकोर्ट में नई संभावित तारीख बताई है, लेकिन आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई। परीक्षा करीब दस साल बाद हो रही है और इस बार लगभग 4.5 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।
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झारखंड एकेडमिक काउंसिल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 की आगामी 11 अक्तूबर को होने वाली परीक्षा अब स्थगित हो सकती है और इसके स्थान पर 1 नवंबर को परीक्षा की संभावना जताई गई है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान टाइमलाइन में बदलाव करते हुए इस नई संभावित तिथि की जानकारी दी है। हालांकि, परिषद ने अभी तक इसके लिए कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की है। माना जा रहा है कि सितंबर के अंतिम दिनों या अक्तूबर के पहले सप्ताह में आधिकारिक विज्ञप्ति जारी करके नई तारीख पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी। तब तक अभ्यर्थियों को 1 नवंबर के हिसाब से ही अपनी तैयारी जारी रखनी होगी।
उच्च न्यायालय में समयसीमा में बदलाव का विवरण
जेटेट का आयोजन फिलहाल उच्च न्यायालय की सीधी देख-रेख में चल रहा है। इससे पहले झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने अदालत में जो कार्ययोजना सौंपी थी, उसमें 11 अक्तूबर को परीक्षा करने और फिर दिसंबर माह में परिणाम घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया था। हाल ही में हुई अदालती सुनवाई के दौरान परिषद ने असमर्थता जताते हुए कहा कि तय समयसीमा में परीक्षा कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं दिख रहा। इसके लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता बताते हुए परिषद ने 1 नवंबर को परीक्षा की संभावित तारीख के रूप में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। इस नई समयसीमा की खबर सामने आते ही अभ्यर्थियों के बीच हलचल बढ़ गई है। फिर भी अंतिम निर्णय परिषद की ओर से आने वाली आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
ये भी पढ़ें- झारखंड में 100 सीएचसी होंगे अपग्रेड: 600 डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मियों की होगी नियुक्ति, मजबूत होगी इलाज व्यवस्था
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परिणाम दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक ही
यदि परीक्षा 1 नवंबर को होती है, तो अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 15 अक्तूबर के आसपास जारी किए जा सकते हैं। दूसरी ओर, परीक्षा परिणाम घोषित करने की तय समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। परिषद ने पहले की तरह ही दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक परिणाम जारी करने की योजना को बरकरार रखा है। यानी भले ही परीक्षा के आयोजन में कुछ सप्ताह का विलंब हो रहा है, लेकिन परिणाम आने की समयसीमा प्रभावित नहीं होगी। राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में सहायक आचार्य पदों पर होने वाली नई भर्तियों का सीधा संबंध इस परीक्षा से है। अदालत की पिछली कार्यवाहियों के अनुसार, जब तक जेटेट का आयोजन पूरा नहीं हो जाता, तब तक सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। इसी वजह से यह परीक्षा राज्य में हजारों युवाओं के भविष्य के लिए निर्णायक मोड़ बन गई है।
दस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बढ़ी अभ्यर्थियों की संख्या
यह परीक्षा पूरे 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रही है, जिससे इसका महत्व काफी बढ़ गया है। इस बार केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के अभ्यर्थियों ने भी बड़ी संख्या में आवेदन किए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में शुरू हुई थी, जिसमें शुरुआती चरण में लगभग तीन लाख उम्मीदवारों ने अपने फॉर्म जमा किए थे। बाद में जब नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, तो पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को दोबारा शुल्क देने की आवश्यकता नहीं पड़ी। नए आवेदनों के जुड़ने के बाद अब कुल अभ्यर्थियों की संख्या बढ़कर लगभग 4.5 लाख तक पहुंच गई है। इस बड़ी परीक्षा में स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और पारा शिक्षक भी शामिल हो रहे हैं, क्योंकि पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने पर उन्हें निर्धारित सेवा लाभ और मानदेय संबंधी सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होगा।
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उच्च न्यायालय में समयसीमा में बदलाव का विवरण
जेटेट का आयोजन फिलहाल उच्च न्यायालय की सीधी देख-रेख में चल रहा है। इससे पहले झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने अदालत में जो कार्ययोजना सौंपी थी, उसमें 11 अक्तूबर को परीक्षा करने और फिर दिसंबर माह में परिणाम घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया था। हाल ही में हुई अदालती सुनवाई के दौरान परिषद ने असमर्थता जताते हुए कहा कि तय समयसीमा में परीक्षा कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं दिख रहा। इसके लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता बताते हुए परिषद ने 1 नवंबर को परीक्षा की संभावित तारीख के रूप में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। इस नई समयसीमा की खबर सामने आते ही अभ्यर्थियों के बीच हलचल बढ़ गई है। फिर भी अंतिम निर्णय परिषद की ओर से आने वाली आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
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परिणाम दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक ही
यदि परीक्षा 1 नवंबर को होती है, तो अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 15 अक्तूबर के आसपास जारी किए जा सकते हैं। दूसरी ओर, परीक्षा परिणाम घोषित करने की तय समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। परिषद ने पहले की तरह ही दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक परिणाम जारी करने की योजना को बरकरार रखा है। यानी भले ही परीक्षा के आयोजन में कुछ सप्ताह का विलंब हो रहा है, लेकिन परिणाम आने की समयसीमा प्रभावित नहीं होगी। राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में सहायक आचार्य पदों पर होने वाली नई भर्तियों का सीधा संबंध इस परीक्षा से है। अदालत की पिछली कार्यवाहियों के अनुसार, जब तक जेटेट का आयोजन पूरा नहीं हो जाता, तब तक सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। इसी वजह से यह परीक्षा राज्य में हजारों युवाओं के भविष्य के लिए निर्णायक मोड़ बन गई है।
दस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बढ़ी अभ्यर्थियों की संख्या
यह परीक्षा पूरे 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रही है, जिससे इसका महत्व काफी बढ़ गया है। इस बार केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के अभ्यर्थियों ने भी बड़ी संख्या में आवेदन किए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में शुरू हुई थी, जिसमें शुरुआती चरण में लगभग तीन लाख उम्मीदवारों ने अपने फॉर्म जमा किए थे। बाद में जब नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, तो पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को दोबारा शुल्क देने की आवश्यकता नहीं पड़ी। नए आवेदनों के जुड़ने के बाद अब कुल अभ्यर्थियों की संख्या बढ़कर लगभग 4.5 लाख तक पहुंच गई है। इस बड़ी परीक्षा में स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और पारा शिक्षक भी शामिल हो रहे हैं, क्योंकि पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने पर उन्हें निर्धारित सेवा लाभ और मानदेय संबंधी सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होगा।