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झारखंड: कम निवेश में बड़ा मुनाफा का झांसा देकर पांच करोड़ तक की ठगी, मिनी कंट्रोल रूम का खुलासा

Sat, 31 Oct 2026 12:58 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 31 Oct 2026 12:58 PM IST
सार

जमशेदपुर पुलिस और रामगढ़ साइबर थाने की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए चार से पांच करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह सात महीने से साइबर अपराध का मिनी कंट्रोल रूम चला रहा था।

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Jharkhand: Fraud worth up to five crore rupees perpetrated by promising high returns on small investments
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऑनलाइन गेमिंग में कम राशि लगाकर बड़ा लाभ कमाने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला अंतरजिला गिरोह सात महीने से साइबर अपराध का मिनी कंट्रोल रूम चला रहा था। गिरोह इस अवधि में करीब चार से पांच करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। जमशेदपुर पुलिस और रामगढ़ साइबर थाने की संयुक्त टीम ने बिरसानगर थाना क्षेत्र के ओम नगर स्थित किराये के मकान में छापेमारी कर शुक्रवार को ही गिरोह से जुड़े पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। अभी गिरोह का मुख्य सरगना समेत तीन आरोपी फरार है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

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ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शुभम खंडेलवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में एम भानु प्रकाश (31 वर्ष), मोहम्मद फरहान (21 वर्ष), राहुल मिंज, अभिषेक राज (25 वर्ष) और श्रवण सोना (23 शामिल हैं। आरोपियों ने बिरसानगर के डुंगरी टोला स्थित किराये के मकान को गिरोह ने अपना ठिकाना बनाया हुआ था।
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ऑनलाइन गेमिंग में मुनाफे का देते थे झांसा
पुलिस के अनुसार आरोपी जीइटी एंड आइडी नाम के ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बनाते थे। वे पीड़ितों को कम रुपये निवेश करके बड़ा इनाम जीतने का लालच देते थे। जब कोई व्यक्ति गेम में अपनी रकम हार जाता था, तो आरोपी उसे अगली बार अधिक रकम लगाने और पिछला नुकसान वसूलने का झांसा देते थे। इस चक्कर में आकर लोग लगातार पैसे लगाते जाते थे और अपनी बड़ी जमा पूंजी गंवा बैठते थे।
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ठगी से मिली राशि को गिरोह के बदमाश फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। इसके बाद एटीएम के जरिये नकद निकासी करके रकम को ठिकाने लगा दिया जाता था। गिरोह में शामिल होकर काम करने वाले युवकों को हर महीने 25 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। इसके अतिरिक्त उनके खाने-पीने और मौज-मस्ती के लिए भी अलग से पैसे दिए जाते थे। पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

डिजिटल उपकरण और दस्तावेज किए जब्त
पुलिस ने गिरोह के ठिकाने से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं। बरामद सामान में पांच लैपटॉप, 25 स्मार्टफोन, एक कीपैड मोबाइल, 67 फर्जी सिम कार्ड और 102 एटीएम व डेबिट कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने नौ बैंक पासबुक, चार रजिस्टर व नोटबुक, 8,440 रुपये नकद, एक यामाहा आर-15 बाइक, जियो वाई-फाई राउटर, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा अनेक कूरियर लिफाफे भी जब्त किए हैं।पुलिस अधिकारी बरामद मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच कर रहे हैं। इस जांच के जरिये पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों, मददगारों और वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्योरा जुटाने का प्रयास कर रही है।

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