झारखंड: जमीन के लिए बेटे ने रची मां और सौतेली बहन की हत्या की साजिश, जंगल की गुफा में जलाए शव; सात गिरफ्तार
झारखंड के मंझारी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद और पारिवारिक रंजिश के चलते मां और सौतेली बहन की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 36 वर्षीय त्रिभुवन बिरुवा ने 68 वर्षीय मां कुनी कुई और 27 वर्षीय सौतेली बहन नागसी बिरुवा की हत्या की साजिश रची।
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झारखंड के मंझारी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद और पारिवारिक रंजिश के चलते एक बेटे पर अपनी मां और सौतेली बहन की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी बेटे समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हत्या के बाद दोनों महिलाओं के शवों को मोटरसाइकिल पर लादकर तोरलो जंगल स्थित दावबुरु पहाड़ की एक गुफा में पहुंचाया और वहां डीजल डालकर जला दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गुफा से दोनों महिलाओं की जली हुई हड्डियों के अवशेष बरामद किए हैं। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी ने बताया कि गिरफ्तार सभी सात आरोपियों को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में शामिल पांच अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। रांची से आई फॉरेंसिक टीम और स्थानीय दंडाधिकारी यानी अंचलाधिकारी की मौजूदगी में गुफा से दोनों महिलाओं के अवशेष निकाले गए।
खेत की मेढ़ काटने के विवाद से शुरू हुई रंजिश
पुलिस जांच के अनुसार, 68 वर्षीय कुनी कुई का जून 2026 में अपने खेत की मेढ़ काटने को लेकर यदुनाथ बिरुवा के साथ विवाद हुआ था। कुनी कुई ने अपने पहले पति पुरुषोत्तम बिरुवा को छोड़कर रासिका बिरुवा से शादी की थी। पहले पति से उनका एक बेटा त्रिभुवन बिरुवा (36) था, जबकि दूसरे पति से 27 वर्षीय बेटी नागसी बिरुवा थी। रासिका बिरुवा की मौत के बाद त्रिभुवन अपनी मां और सौतेली बहन को घर से भगाने के लिए लगातार परेशान कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, जमीन हड़पने की नीयत और पारिवारिक मनमुटाव के कारण त्रिभुवन ने अपने ही खानदान के कुछ लोगों के साथ मिलकर मां और सौतेली बहन की हत्या की साजिश रची।
13 अक्टूबर को मां-बेटी की हत्या, गुफा में जलाए शव
पुलिस के अनुसार, त्रिभुवन बिरुवा ने वारदात को अंजाम देने के लिए यदुनाथ बिरुवा, माहती बिरुवा, बाटे उर्फ राजू, नंदलाल, चंद्र बिरुवा, दुई कोडाकेल, बुधन बिरुवा, पंडुवा बिरुवा, कांडे बिरुवा और राजाराम बिरुवा को साजिश में शामिल किया। आरोप है कि योजना के तहत 13 अक्तूबर की शाम कुनी कुई और उनकी बेटी नागसी बिरुवा की हत्या कर दी गई। इसके बाद शवों की पहचान मिटाने के लिए उन्हें मोटरसाइकिल पर लादकर दावबुरु पहाड़ की एक सुनसान गुफा में ले जाया गया। वहां दोनों शवों पर डीजल छिड़ककर आग लगा दी गई। शव पूरी तरह जल जाने के बाद बची हुई हड्डियों और अन्य अवशेषों को आरोपियों ने गुफा के भीतर ही मिट्टी में दबा दिया।
मां-बेटी की गुमशुदगी से सामने आया दोहरा हत्याकांड
इस घटना की जानकारी पुलिस को करीब दो सप्ताह बाद मिली। 27 अक्तूबर को बड़ा तोरलो गांव के टोपासाई टोला निवासी मां-बेटी के अचानक लापता होने की सूचना मंझारी थाना पुलिस को दी गई। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने आशंका जताई थी कि जमीन विवाद के कारण दोनों महिलाओं की हत्या कर उनके शव जंगल में दफना दिए गए हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए सात संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद उनकी निशानदेही पर दावबुरु पहाड़ की गुफा से दोनों महिलाओं की जली हुई हड्डियों के अवशेष बरामद किए गए।
ये हैं गिरफ्तार किए गए सात आरोपी
पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता बेटे त्रिभुवन बिरुवा समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में टोपासाई निवासी त्रिभुवन बिरुवा, बड़ा तोरलो के मोटकसाई निवासी 31 वर्षीय यदुनाथ बिरुवा उर्फ यादु, बड़ा तोरलो निवासी 50 वर्षीय लादुरा बिरुवा, बड़ा तोरलो निवासी 34 वर्षीय राजाराम बिरुवा, बड़ा तोरलो के नाराई निवासी चेदरे बिरुवा उर्फ चंद्र बिरुवा, बड़ा तोरलो के भादुसाई निवासी 35 वर्षीय माहती बिरुवा और भादुसाई निवासी 32 वर्षीय दुई कोडाकेल उर्फ लखन कोडाकेल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में शामिल पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। वहीं, गिरफ्तार सभी सात आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।