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झारखंड: सीआईएसएफ के सुरक्षा ढांचे में फेरबदल, रांची को मिली 22 कोयला इकाइयों की कमान

Fri, 16 Oct 2026 09:07 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: प्रतीक पांडेय Updated Fri, 16 Oct 2026 09:07 PM IST
सार

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के प्रशासनिक कमान ढांचे में बड़े फेरबदल की जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत रांची के पूर्वी खंड के महानिरीक्षक प्रबोध चंद्रा को 22 कोयला इकाइयों की कमान सौंपे जाने की बात कही गई है।

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CISF Administrative Restructuring Ranchi IG Prabodh Chandra 22 Coal Units Steel Power Security
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने अपने औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रशासनिक कमान ढांचे में बड़ा फेरबदल किया है। बल के दिल्ली मुख्यालय से जारी नए आदेश के तहत स्टील, कोयला और बिजली क्षेत्रों की सुरक्षा इकाइयों को क्षेत्रीय आधार पर पुनर्गठित किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत देश की 22 महत्वपूर्ण कोयला इकाइयों का प्रशासनिक नियंत्रण रांची स्थित पूर्वी खंड के महानिरीक्षक प्रबोध चंद्रा को सौंपा गया है। हालांकि, इस प्रशासनिक बदलाव की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। इस रणनीतिक फेरबदल से झारखंड सहित पूरे देश के कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा निगरानी और समन्वय अधिक मजबूत होने की संभावना है।
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कोयला इकाइयों का नियंत्रण रांची को
सुरक्षा ढांचे में किए गए इस बदलाव के तहत भारत कोकिंग कोल लिमिटेड धनबाद, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड करगली तथा मगध-आम्रपाली जैसे प्रमुख प्रतिष्ठानों को रांची मुख्यालय से जोड़ा गया है। इसके अलावा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड बिलासपुर, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड शीतलपुर, कोल माइनिंग हजारीबाग, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड सिंगरौली और नेवेली सहित कुल 22 कोयला इकाइयां अब पूर्वी खंड रांची के महानिरीक्षक के प्रत्यक्ष नियंत्रण में काम करेंगी। इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य कोयला चोरी, अवैध उत्खनन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर कड़ाई से रोक लगाना है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर अधिकारियों की निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
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इस्पात और बिजली क्षेत्रों की कमान
कमान ढांचे के इस पुनर्गठन के अंतर्गत इस्पात क्षेत्र की 27 औद्योगिक इकाइयों की जिम्मेदारी सेंट्रल सेक्टर भिलाई के महानिरीक्षक पीयूष पांडेय को सौंपी गई है। इस क्षेत्र के अंतर्गत बोकारो, भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर, बर्नपुर और सलेम जैसे विशाल इस्पात संयंत्रों की सुरक्षा शामिल है। दूसरी ओर बिजली क्षेत्र की लगभग 54 इकाइयों के संचालन का प्रशासनिक दायित्व नॉर्थ ईस्ट सेक्टर जोन-1 कोलकाता के महानिरीक्षक ए.के. मोहनका के पास रहेगा। बिजली क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में चंद्रपुरा, बोकारो थर्मल, ललपनिया, कोडरमा, पतरातू और बक्सर जैसे महत्वपूर्ण बिजली संयंत्रों को शामिल किया गया है।
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क्षेत्रीय समन्वय और त्वरित निर्णय
बल प्रबंधन का मानना है कि क्षेत्र-आधारित कमान व्यवस्था से जवानों तथा अधिकारियों को संबंधित उद्योग की विशिष्ट जरूरतों के अनुसार कार्य करने का अवसर मिलेगा। नए प्रशासनिक पुनर्गठन से क्षेत्रीय स्तर पर तैनात महानिरीक्षक और उप-महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को अधिक प्रशासनिक अधिकार प्राप्त होंगे। इससे सुरक्षा संबंधी किसी भी परिस्थिति में त्वरित निर्णय ले
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