झारखंड: बोकारो थर्मल स्टेशन पर कोयले से लदी मालगाड़ी में लगी आग, पांच बोगियों से उठा धुआं; बड़ा हादसा टला
झारखंड के बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह करीब छह बजे कोयले से लदी मालगाड़ी में आग लग गई। जारंगडीह रेलवे साइडिंग से बिहार के नबीनगर स्थित एनटीपीसी पावर प्लांट जा रही मालगाड़ी की पांच बोगियों से धुआं उठ रहा था, जबकि एक बोगी में आग की लपटें दिखाई दे रही थीं।
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झारखंड के बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह कोयले से लदी एक मालगाड़ी में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। जारंगडीह रेलवे साइडिंग से बिहार के नबीनगर स्थित एनटीपीसी के सुपर थर्मल पावर प्लांट जा रही इस मालगाड़ी की पांच बोगियों से लगातार धुआं उठ रहा था, जबकि एक बोगी से आग की तेज लपटें दिखाई दे रही थीं। हालांकि, रेल प्रशासन और सीआईएसएफ की टीम ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया और आग पर काबू पा लिया। त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
घटना रविवार सुबह करीब छह बजे की है। मालगाड़ी जैसे ही बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर पहुंची, बोगियों से धुआं निकलता देखकर स्टेशन पर हलचल मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
प्लेटफार्म संख्या एक पर ही रोक दी गई मालगाड़ी
यह मालगाड़ी जारंगडीह रेलवे साइडिंग से रवाना हुई थी और कथारा क्षेत्र से कोयला लादकर बिहार के नबीनगर जा रही थी। रविवार सुबह बोकारो थर्मल स्टेशन पहुंचने पर इसकी बोगियों से धुआं निकलता दिखाई दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्टेशन अधीक्षक शैलेश कुमार ने तत्परता दिखाई और मालगाड़ी को आगे बढ़ाने के बजाय प्लेटफार्म संख्या एक पर ही रुकवा दिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल घटना की सूचना डीवीसी सीआईएसएफ फायर यूनिट को दी। सूचना मिलते ही अवर निरीक्षक राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और सीआईएसएफ की दमकल टीम को स्थिति से अवगत कराया। टीम ने बिना देरी किए आग बुझाने की तैयारी शुरू कर दी।
ओएचई की बिजली बंद करने के बाद शुरू हुआ राहत कार्य
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने दमकल टीम के आग बुझाने का काम शुरू करने से पहले ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन की बिजली आपूर्ति बंद करवा दी। बिजली कटने के बाद सीआईएसएफ और अग्निशमन दल ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
कोल स्टॉक से सुलगता कोयला लोड किए जाने की आशंका
शुरुआती पड़ताल में आग लगने की वजह को लेकर आशंका जताई जा रही है कि कथारा कोलियरी के कोल स्टॉक में पहले से ही आग लगी हुई थी। माना जा रहा है कि कोलियरी से सुलगता हुआ कोयला ही मालगाड़ी की बोगियों में लोड कर दिया गया था। इसके बाद यात्रा के दौरान खुली हवा के संपर्क में आने से कोयले के भीतर दबी आग धीरे-धीरे भड़कने लगी। बोकारो थर्मल स्टेशन पहुंचने तक मालगाड़ी की एक बोगी से आग की तेज लपटें निकलने लगी थीं, जबकि पांच बोगियों से धुआं उठ रहा था। हालांकि, आग लगने के वास्तविक और सटीक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, समय रहते रेल प्रशासन और सीआईएसएफ की ओर से की गई कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा होने से बच गया।