झारखंड: रानी फॉल से लौटे 18 बच्चों की अचानक बिगड़ी तबीयत, उल्टी-दस्त और सिरदर्द से मचा हड़कंप
खूंटी के तिलमी स्थित पीएम श्री उत्क्रमित मध्य सह उच्च विद्यालय के शैक्षणिक भ्रमण से लौटने के बाद 18 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी, दस्त और सिरदर्द की शिकायत पर सभी को सीएचसी कर्रा में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बाहरी खान-पान से तबीयत बिगड़ने की आशंका है।
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खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पीएम श्री उत्क्रमित मध्य सह उच्च विद्यालय, तिलमी के 330 बच्चे शनिवार को शैक्षणिक भ्रमण के लिए कल्याण गुरुकुल, खूंटी के रास्ते रानी फॉल गए थे। भ्रमण से लौटने के बाद रविवार देर रात अचानक कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, दस्त और सिरदर्द की शिकायत होने पर परिजन एवं शिक्षक उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), कर्रा लेकर पहुंचे। देर रात तक 18 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया और खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा देर रात सीएचसी कर्रा पहुंचे। दोनों विधायकों ने अस्पताल में भर्ती बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था का भी जायजा लिया।
तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने बच्चों के परिजनों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को सभी बच्चों की लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की तबीयत को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विधायक ने प्रधानाध्यापिका पुष्पा बाखला को भी सभी बच्चों के अभिभावकों के संपर्क में रहने तथा किसी बच्चे की स्थिति बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचाने का निर्देश दिया। गंभीर स्थिति की आशंका को देखते हुए एंबुलेंस को भी तैयार रखने को कहा गया।
प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. पीसी झा ने बताया कि बच्चों में फिलहाल उल्टी-दस्त और सिरदर्द के लक्षण पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया बाहरी खान-पान के कारण तबीयत बिगड़ने की आशंका है। सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। अधिक बच्चों के अस्पताल पहुंचने की संभावना को देखते हुए सदर अस्पताल, खूंटी को भी आवश्यक तैयारी रखने की सूचना दी गई है।
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प्रधानाध्यापिका ने बताया कि भ्रमण के दौरान बच्चों को दाल-चावल और आलू-कद्दू की सब्जी खिलाई गई थी। इसके अलावा कुछ बच्चों ने पिकनिक स्थल पर कोल्ड ड्रिंक और अन्य बाहरी खाद्य पदार्थ भी खाए थे। फिलहाल सभी बच्चों का चिकित्सकीय निगरानी में इलाज जारी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

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