फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Ranchi court rejects ex-Jharkhand minister's bail plea; calls him influential person

Jharkhand: अदालत ने खारिज की पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की जमानत याचिका, कहा- गवाहों को कर सकते हैं प्रभावित

Fri, 09 Aug 2024 10:50 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 09 Aug 2024 10:50 PM IST
सार

Jharkhand: कांग्रेस नेता आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 मई को रांची कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। आलम ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने नियमित जमानत के लिए अदालत का रुख किया था।

विज्ञापन
Ranchi court rejects ex-Jharkhand minister's bail plea; calls him influential person
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

झारखंड की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की जमानत याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि एक प्रभावशाली व्यक्ति होने के नाते आलम सबूतों को छिपा सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। 

विज्ञापन

 
न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा ने कहा, धनशोधन का अपराध राष्ट्रीय हित के लिए आर्थिक खतरा है। अपराधी समाज और अर्थव्यवस्था की परवाह किए बिना साजिश के तहत जानबूझकर निजी लाभ के मससद से इसे अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न न्यायिक फैसलों में राय दी गई है कि धनशोधन के लिए जेल नियम है और जमानत एक अपवाद है। 
विज्ञापन


कांग्रेस नेता को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 मई को रांची कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। आलम ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने नियमित जमानत के लिए अदालत का रुख किया था। जिसमें कहा गया था कि वह निर्दोष हैं और उन्होंने कोई अपराधा नहीं किया है, जैसा कि आरोप लगाया गया है और उनके खिलाफ कोई कानूनी सबूत नहीं होने के कारण संदेह के आधार पर उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आलम के वकील ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ गलत काम करने का कोई ठोस सबूत नहीं है। यह मामला राजनीतिक से प्रेरित और बदला लेने के एजेंडे का हिस्सा है। उन्होंने अदालत से कहा कि मामले में तथ्यात्मक आधार का अभाव है और याचिकाकर्ता की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के इरादे से दायर किया गया है। 



उन्होंने कहा कि ईडी ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किए गए बयानों के आधार पर आलम को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि वह उच्च रक्तचाप और वृद्धावस्था की अन्य बीमारियों जैसे स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों से पीड़ित हैं। इसलिए इन आधार पर उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। 

ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि झारखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री होने के नाते आलम एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। एजेंसी ने कहा, जांच के दौरान एकत्र किए गए सबूतों से मोटे तौर पर पता चलता है कि सह-आरोपी वीरेंद्र कुमार राम पुल और सड़क निर्माण के सरकारी काम के निविदाओं के आवंटन और निष्पादन के लिए 1.5 फीसदी निश्चित हिस्सेदारी या कमीशन लेते थे, जिसे उनके (राम) वरिष्ठों और राजनेताओं के बीच वितरित किया जाता था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed