{"_id":"68288e83b4e518e61202d7de","slug":"ranchi-babulal-marandi-called-jharkhand-s-new-excise-policy-biased-demanded-principle-of-one-person-one-shop-2025-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand New Excise Policy: बाबूलाल मरांडी ने नीति को बताया पक्षपाती, एक व्यक्ति-एक दुकान के सिद्धांत की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand New Excise Policy: बाबूलाल मरांडी ने नीति को बताया पक्षपाती, एक व्यक्ति-एक दुकान के सिद्धांत की मांग
Sat, 17 May 2025 06:56 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 17 May 2025 06:56 PM IST
सार
Jharkhand New Excise Policy: बाबूलाल मरांडी ने नए मॉडल को पूरी तरह असंतुलित और अपारदर्शी करार देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में यह तीसरी आबकारी नीति है। उन्होंने कहा कि यह भी साफ तौर पर घोटाले की एक और स्क्रिप्ट लगती है।
विज्ञापन
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (फाइल)
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड की नई आबकारी नीति को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को इसे एक और घोटाले की पटकथा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है, न कि आम जनता या युवाओं के हित में।
विज्ञापन
विपक्ष को किस बात पर है आपत्ति?
गौरतलब है कि झारखंड कैबिनेट ने गुरुवार को नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत अब शराब की खुदरा बिक्री निजी हाथों में सौंपी जाएगी। इस नीति के तहत एक व्यक्ति को अधिकतम 12 दुकानें एक जिले में और 36 दुकानें राज्यभर में रखने की अनुमति दी गई है। दुकानों का आवंटन लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- झारखंड में मौसम का मिजाज बदला: रांची समेत 9 जिलों में तेज बारिश और वज्रपात का अलर्ट, येलो अलर्ट जारी
विज्ञापन
मरांडी ने इस मॉडल को पूरी तरह असंतुलित और अपारदर्शी करार देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में यह तीसरी आबकारी नीति है। उन्होंने कहा कि यह भी साफ तौर पर घोटाले की एक और स्क्रिप्ट लगती है। एक व्यक्ति को 12 दुकानें देने का प्रावधान ही इस बात की पुष्टि करता है कि यह नीति कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के इरादे से बनाई गई है।
‘स्थानीय बेरोजगारों और छोटे उद्यमियों के लिए नहीं कोई लाभ’
मरांडी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस नीति का स्वरूप ऐसा है जिससे न तो बेरोजगार युवाओं को फायदा होगा, न ही ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छोटे उद्यमियों को। उन्होंने कहा कि इस नीति से सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को कोई लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि पहले से स्थापित और धनबल वाले ही इसका फायदा उठाएंगे।
'एक व्यक्ति–एक दुकान' की नीति की मांग
बीजेपी नेता ने सरकार से मांग की कि ‘एक व्यक्ति–एक दुकान’ की नीति अपनाई जाए, जिससे व्यापार में पारदर्शिता आए और अधिक लोगों को रोजगार का अवसर मिले। मरांडी ने यह भी बताया कि झारखंड में फिलहाल 1,453 खुदरा शराब की दुकानें हैं और अगर प्रत्येक दुकान का संचालन अलग व्यक्ति को दिया जाए तो यह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में सहायक होगा।
यह भी पढ़ें- Jharkhand News: कई मामलों में वांछित टीपीसी कमांडर प्रताप गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता
‘अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों को मिले प्राथमिकता’
मरांडी ने यह भी सुझाव दिया कि केवल वही व्यक्ति दुकान चलाएं जिन्हें लाइसेंस मिला है। इस व्यवस्था से दलाली और ठेकेदारी प्रथा खत्म होगी और व्यापार में नैतिकता बनी रहेगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में दुकानों का आवंटन केवल आदिवासियों को किया जाना चाहिए ताकि इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़े और सामाजिक संतुलन बना रहे।
‘हाड़िया बेचने वाली महिलाओं को मिले प्राथमिकता’
मरांडी ने सरकार से यह भी मांग की कि जो महिलाएं परंपरागत रूप से हाड़िया (चावल से बनी स्थानीय शराब) बेचती हैं, उन्हें भी इस नीति के तहत प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं के पास वर्षों से शराब कारोबार का अनुभव है और यह उनके लिए आजीविका का स्रोत है। सरकार को इनके हितों की रक्षा करनी चाहिए।