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झारखंड: कुख्यात नक्सली सूरजनाथ खेरवार ने किया आत्मसमर्पण, अन्य से भी की समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील
Wed, 06 Apr 2022 08:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लोहरदगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लोहरदगा
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 06 Apr 2022 08:17 PM IST
सार
पुलिस के मुताबिक,सूरजनाथ लोहरदगा, गुमला, लातेहार जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हत्या, रंगदारी, मारपीट, नक्सली कांडों को अंजाम देने सहित कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। उस पर पेशरार थाना के अलावा सेरेंगदाग, बिशुनपुर और चंदवा थाना में कुल 8 मामले दर्ज हैं।
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कुख्यात नक्सली सूरजनाथ खेरवार ने किया आत्मसमर्पण।
- फोटो : social media
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विस्तार
झारखंड के लोहरदगा में न्यू पुलिस लाइन में बुधवार को कुख्यात नक्सली सूरजनाथ खेरवार ने आत्मसमर्पण कर दिया। सूरजनाथ खेरवार माओवादी संगठन का नक्सली था। नक्सली के आत्मसमर्पण के दौरान उसको फूल और सरकार की नीति के तहत एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। सरेंडर करने के बाद नक्सली सूरजनाथ ने भी अन्य नक्सलियों से बंदूक छोड़ कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।इस मौके पर लोहरदगा उपायुक्त डॉ. वाघमारे प्रसाद कृष्ण, एसपी प्रियंका मीणा, सीआरपीएफ कमांडेंट उपस्थित रहे।
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दरअसल, सरकार नक्लसियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आत्मसमर्पण की नई पॉलिसी 'नई दिशा' चला रही है। नक्सली सूरजनाथ खेरवार ने इस नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है।
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भाकपा माओवादी के एरिया कमांडर सूरजनाथ खेरवार लोहरदगा जिले के पेशरार थाना क्षेत्र के बुलबुल गांव का रहने वाला है। वह साल 2013-14 में भाकपा माओवादी नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। भाकपा माओवादी नक्सली संगठन द्वारा गांव-गांव में बैठक करते हुए बच्चे मांगे जाने का फरमान सुनाए जाने के बाद वर्ष 2013-14 में ग्रामीणों ने बैठक करते हुए महज 12 साल के सूरजनाथ खेरवार को माओवादियों को सौंपने का फैसला लिया था। तब से लेकर अब तक सूरजनाथ खेरवार माओवादी संगठन में रह रहा था।
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पुलिस के मुताबिक,सूरजनाथ लोहरदगा, गुमला, लातेहार जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हत्या, रंगदारी, मारपीट, नक्सली कांडों को अंजाम देने सहित कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। उस पर पेशरार थाना के अलावा सेरेंगदाग, बिशुनपुर और चंदवा थाना में कुल 8 मामले दर्ज हैं। ऑपरेशन डबल बुल के दौरान नक्सलियों का हश्र देखकर सूरजनाथ खेरवार ने आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया था।
इस मौके पर डीसी वाघमारे प्रसाद कृष्ण ने नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराने के लिए बनाई गई सरकार की नीतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां उग्रवादी संगठनों के लिए काफी लाभदायक है। ये नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है।
वहीं, सरेंडर करने के बाद नक्सली सूरजनाथ खेरवार ने बताया कि वह भटककर संगठन में शामिल हो गया था। नक्सली सूरजनाथ ने इस मौके पर अन्य नक्सलियों से सरकार द्वारा पुर्नवास नीति का लाभ उठाने और सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की।