मौत के मुंह से बचे शख्स की अनोखी कहानी
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झारखंड के गुमला जिले में एक व्यक्ति के साथ ऐसी घटना घटी कि वह वाकई मौत के मुंह से बच निकला। अपराधियों ने उस व्यक्ति को पहले सिर में गोली मारी और फिर पहाड़ियों से नीचे धकेल दिया था।
दवाईयों की दुकान चलाने वाले विनय यादव को शुक्रवार को नक्सलियों ने पकड़ लिया था। वे 25 लाख रुपए की लेवी मांग रहे थे जिसे विनय ने देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद अपराधियों ने विनय के सिर में गोली मार कर उसे पहाड़ियों से नीचे धकेल दिया।
15 किलोमीटर रेंग कर पहुंचा
अपराधियों ने विनय को मरा समझ कर छोड़ दिया। लेकिन विनय बच गया.. गोली से भी और पहाड़ी से गिर कर मरने से भी।
पहाड़ी से गिरने के बाद जब विनय जिंदा बच गया तो उसने अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश की लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका। इसके बाद वह 15 किलोमीटर तक रेंग कर ऐसी जगह पहुंचा जहां थोड़ी आवाजाही थी।
फोन करने के लिए 30 किमी
वहां पहुंच कर विनय ने बहुत मुश्किल से एक ऑटो रिक्शा किया जो उसे एक फोनबूथ तक पहुंचा पाया। यह फोनबूथ उस जगह से 30 किलोमीटर दूर था। फोन बूथ पहुंच कर विनय ने अपने भाई को फोन किया और सारी बात बताई।
विनय का भाई हड़बड़ाते हुए अपने भाई को तलाशते हुए वहां पहुंचा और फिर वे सीधे अस्पताल पहुंचे।
25 लाख की थी मांग
अस्पताल में डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक विनय के सिर से बुलेट निकाल दी। विनय के मुताबिक अपराधियों ने उसे गुमला में उसके घर से बुधवार को किडनैप कर लिया था। वे विनय से 25 लाख रुपए की मांग कर रहे थे।
शुक्रवार तक इंतजार करने के बाद जब उन्हें पैसे नहीं मिले तो उन्होंने विनय को मार डालने का फैसला किया।
दर्ज होगी एफआईआर
उन्होंने विनय के सिर में गोली मारी और लगभग मरने की हालत में उसे पहाड़ी से नीचे फेंक दिया। उन्हें लगा कि मैं मर गया हूं लेकिन मैं शनिवार को किसी तरह अनपे भाई को फोन करने में कामयाब रहा।
मेरे भाई ने मुझे अस्पताल पहुंचाया और मैं जिंदा बच गया हूं। विनय के सारे बयानों के आधार पर पुलिस अपधारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है।