15 दिन तक चला सुरक्षाबलों का अभियान, कामयाबी
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नक्सलियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही झारखंड पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। झारखंड पुलिस ने प्रमुख नक्सली नेता अरविंदजी के ठिकाने पर धावा बोलकर उसे ध्वस्त कर दिया उसके चार साथी भी मारे गए हालांकि वह फरार होने में सफल रहा।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने लातेहार और गढ़वा में की गई कार्रवाई में पखवाड़ेभर चले आपरेशन के बाद सीपीआई (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी मेंबर अरविंदजी के ठिकाने पर छापा मारा था।
झारखंड आर्म्ड पुलिस, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और इंडिया रिजर्व बटालियन ने लातेहर के गोटग के जंगलों में छापामारी की थी। जहां उसे बड़ी मात्रा में खतरनाक हथियार और विस्फोट बरामद हुए।
इस कार्रवाई की पुष्टि काफी देर से हो पाई क्योंकि सुरक्षा बलों की टीम लातेहर के जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर अंदर इस कार्रवाई को अंजाम देने में जुटी थी। एसपी लातेहर अनूप बिरथरे ने बताया कि इस दौरान चार नक्सलियों को मार गिराया गया।
मारे गए सारे नक्सली अरविंदजी के साथी
ऑपरेशन 3 सितंबर से शुरू हुआ था जब सुरक्षाबलों के एक बड़े दस्ते ने जंगल में प्रवेश कर नक्सलियों के ठिकानों की तलाश शुरू की। एसपी ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ जब सुरक्षाबलों ने बुरहा पहाड़ तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की जिसे नक्सलियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है।
छत्तीसगढ़ झारखंड सीमा पर स्थित बुरहा पहाड़ पूरी तरह मुख्य धारा से कटा हुआ दिखता है। सुरक्षाबलों को वहां से दो रायफल, 20 प्रेशर कुकर बम, काफी मात्रा में गोला बारूद, कोडेक्स वायर (जिसका विस्फोट में इस्तेमाल होता है), बीपी हेलमेट और नक्सलियों की डायरियां बरामद हुई हैं।
उन्होंने बताया कि नक्सलियों के ठिकाने से जो हेलमेट बरामद हुए वो 2012 में नक्सलियों से मुठभेड़ में जो दस पुलिसकर्मी मारे गए थे उनसे लूटे हुए थे। उन्होंने चारों नक्सलियों के मारे जाने की भी पुष्टि की।
इनमें से एक अमवतिका गांव निवासी योगेन्द्र परहिया है जिसे अरविंदजी के दस्ते का प्रमुख सदस्य माना जाता है। गांव वालों ने भी उसकी शिनाख्त की है।