झारखंड पुलिस का अमानवीय चेहरा, युवती के पेट से रस्सी बांधकर किया गिरफ्तार
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पुलिस की अमानवीयता और असंवेदनशीलता को लेकर भले ही कितने मामले सामने आते हों लेकिन इसमें सुधार के प्रयास कभी नहीं किए जाते। राजस्थान के अलवर में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया जब झारखंड पुलिस एक 23 साल की युवती को जानवरों की तरह उसके पेट से रस्सी बांधकर अपने साथ ले गई। युवती को दहेज से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार झारखंड पुलिस ने युवती को अलवर के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था, इसके बाद उसे उसी हालत में रस्सी से बांधकर पुलिस वापस झारखंड ले गई।
लोगों ने इस दौरान पुलिस की इस अमानवीय कार्रवाई को अपने कैमरों में कैद कर लिया। यह हाल तब है जब सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी आरोपी या अपराधी को इस तरह से रस्सियों में जकड़ कर नहीं ले जाया जा सकता। खासकर महिलाओं के मामले में तो ज्यादा संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है।
दहेज उत्पीड़न के मामले में युवती को पकड़कर ले गई पुलिस
अलवर पुलिस के अनुसार झारखंड के गरवाह जिले की पुलिस बैंक कालोनी निवासी अपर्णा को गिरफ्तार करने के लिए आई थी। अपर्णा को दहेज उत्पीड़न के मामले में गरवाह की रहने वाली उसकी भाभी ने आरोपी बनाया हुआ था।
स्थानीय पुलिस के अनुसार अपर्णा की भाभी ने अपने पति, ससुर, सास और उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा रखा है। इसी मामले में झारखंड पुलिस ने अपर्णा के अलवर स्थित घर पर दबिश दी थी। जहां उसके माता पिता और भाई गायब मिले, इस पर पुलिस ने अपर्णा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में उसे वहीं से गिरफ्तार कर पुलिस अपने साथ ले गई।
झारखंड पुलिस ने अपर्णा को हिरासत में लेने के बाद उसका स्थानीय अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण करवाया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पुलिस अपने साथ गरवाह के लिए लेकर चल दी।
पुलिस ने एक दुकान से रस्सी खरीदकर युवती के पेट को कसकर उससे जकड़ दिया। इसके बाद साथ आई महिला पुलिसकर्मी उसे पकड़कर चल दी। युवती को इस तरह ले जाया जा रहा था जैसे किसी जानवर को रस्सी से बांधकर ले जाया जाता है। इस पर कुछ लोगों ने आपत्ति भी की लेकिन पुलिस किसी की नहीं सुनी।