फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand: Major blow to Naxal network; Asim Mandal, carrying a reward of ₹2.20 crore, arrested.

झारखंड: नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 2.20 करोड़ का इनामी असीम मंडल गिरफ्तार; अब दो कैडर की तलाश

Thu, 17 Sep 2026 07:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी सिंहभूम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी सिंहभूम Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 17 Sep 2026 07:38 PM IST
सार

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में सुरक्षा बलों ने 2.20 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, अब मंगल और मालती दो सक्रिय कैडर बचे हैं। दोनों की तलाश में सीमावर्ती जंगलों में अभियान जारी है।

 

विज्ञापन
Jharkhand: Major blow to Naxal network; Asim Mandal, carrying a reward of ₹2.20 crore, arrested.
अपराध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और आसपास के सीमावर्ती जंगलों में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 2.20 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी के बाद इलाके में सक्रिय नक्सली नेटवर्क लगभग पूरी तरह कमजोर हो गया है। अब जंगलों में मंगल और मालती नाम के दो सक्रिय नक्सलियों के मौजूद होने की बात सामने आई है। दोनों की तलाश में सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।

विज्ञापन


सीमावर्ती जंगलों में छिपे दो नक्सली
असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब मंगल और मालती ही सक्रिय कैडर बताए जा रहे हैं। दोनों घाटशिला के पास झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा से सटे घने जंगलों में छिपे होने की जानकारी है। पुलिस के मुताबिक, मंगल पर 5 लाख रुपये और मालती पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित है। दोनों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज करीब 30 से 35 मामलों को सूचीबद्ध किया है। शीर्ष कमांडर की गिरफ्तारी के बाद दोनों के संगठन से अलग-थलग पड़ने की बात कही जा रही है। पुलिस टीमें उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं।
विज्ञापन


वेश बदलकर बंगाल भागने की कोशिश
असीम मंडल लंबे समय से मंगल और मालती के साथ एक ही दस्ते में सक्रिय था। जंगलों में सुरक्षा बलों की बढ़ती दबिश के बीच उसने पकड़े जाने से बचने के लिए अपने हथियार जंगल में जमीन के नीचे छिपा दिए। इसके बाद उसने माओवादी वेशभूषा छोड़कर सामान्य ग्रामीण का रूप धारण कर लिया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद वह झारखंड की सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के ललाट गांव पहुंच गया और वहां आम नागरिक की तरह छिपकर रहने लगा। कोलकाता एसटीएफ की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें:  पांच लाख के जेवर और नकदी ले गए चोर, जांच में जुटी पुलिस


एक-एक कर कमजोर हुआ नक्सली नेटवर्क
असीम मंडल के दस्ते से जुड़े कई नक्सली या तो सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए या गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कुछ प्रमुख कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण भी किया है। इनमें सचिन, मीता, बुलू और पुष्पा उर्फ शकुंतला शामिल हैं। इसके अलावा बेला और प्रदीप नाम के दो नक्सलियों को सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। पिछले महीने सुरक्षा बलों ने दलमा की तराई वाले इलाके से मदन महतो, सागर सिंह उर्फ विरेन और मीणा को भी पकड़ा था। गिरोह से जुड़े श्याम सिंह की गंभीर बीमारी के कारण मौत हो गई थी, जबकि समीर सिंह को सारंडा के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया था।

सीमावर्ती इलाके में तलाशी अभियान तेज
असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। पूर्वी सिंहभूम के आसपास सुरक्षा बलों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नेतृत्व के कमजोर पड़ने के बाद बचे हुए कैडरों पर भी दबाव बढ़ा है। एजेंसियां सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed