फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand: Kudmi protest against ST demand will lead to a grand revolt from Morabadi ground on October 12

Jharkhand: कुड़मी का एसटी मांग के विरोध में 12 अक्तूबर को मोरहाबादी मैदान से उलगुलान, आदिवासी संगठन का एलान

Sat, 27 Sep 2025 04:47 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 27 Sep 2025 04:47 PM IST
सार

Jharkhand: आदिवासी हक और संस्कृति पर खतरा अजय तिर्की ने कहा कि कुडमी की मांग आदिवासी समाज के हक और अधिकारों पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों की परंपरा और संस्कृति को मिटाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

विज्ञापन
Jharkhand: Kudmi protest against ST demand will lead to a grand revolt from Morabadi ground on October 12
आदिवासी संगठन ने किया एलान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड में कुडमी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग के खिलाफ आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने सिरमटोली सरना स्थल पर आयोजित बैठक में केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि कुडमी को एसटी दर्जा दिया गया तो आदिवासी समाज के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो जाएगा और उन्हें झारखंड छोड़ना पड़ सकता है। आदिवासी हक और संस्कृति पर खतरा अजय तिर्की ने कहा कि कुडमी की मांग आदिवासी समाज के हक और अधिकारों पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों की परंपरा और संस्कृति को मिटाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

विज्ञापन


पढे़ं: लातेहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पिस्टल और कैश के साथ छह अपराधी धराए; ठेकेदार को धमकाने में थे शामिल
विज्ञापन


वहीं आदिवासी नेता ग्लैडसन डुंगडुंग ने ऐतिहासिक तथ्य पेश करते हुए कहा कि कुडमी 17वीं सदी में बिहार से झारखंड आए थे और 1872 से 1931 तक अलग वर्ग में दर्ज थे। उन्होंने दावा किया कि टीआरआई की रिपोर्ट को केंद्र सरकार पहले ही खारिज कर चुकी है। डुंगडुंग ने कुडमी समुदाय पर आदिवासी स्वशासन और पेसा कानून को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


5 अक्तूबर की रैली स्थगित, 12 अक्तूबर को शक्ति प्रदर्शन
केंद्रीय सरना समिति के नेता रूपचंद तिर्की ने बताया कि पर्व-त्योहारों के कारण 5 अक्तूबर को प्रस्तावित रैली स्थगित कर दी गई है। अब यह महारैली 12 अक्तूबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में होगी, जहां आदिवासी समाज संवैधानिक तथ्यों के साथ अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगा। कुडमी समाज को संवैधानिक तरीके से मांग रखने की सलाह बाहा लिंडा ने कुडमी समुदाय से मर्यादित बयानबाजी करने और अपनी मांग को संवैधानिक तरीके से रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केंद्र सरकार से है और देश व राज्य को बचाने की जिम्मेदारी भी केंद्र के पास है। बैठक में प्रकाश हंस, मुन्ना मिंज, सचिन कच्छप, निरज कुमार सोरेन, बबलु उरांव, सुरज टोप्पो, मुन्ना उरांव सहित कई आदिवासी नेता मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed