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Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव की याचिका खारिज की, यौन शोषण से जुड़ा है मामला
Wed, 06 Sep 2023 10:51 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 06 Sep 2023 10:51 PM IST
सार
झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दायर एक आपराधिक मामले को दुमका से बोकारो स्थानांतरित करने की मांग की थी।
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झारखंड हाईकोर्ट
- फोटो : Social Media
विस्तार
झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दायर एक आपराधिक मामले को दुमका से बोकारो स्थानांतरित करने की मांग की थी। दलीलें सुनने के बाद जस्टिस सुभाष चंद की पीठ ने पहले फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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यह मामला 2019 में जेवीएम-पी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता के कथित यौन शोषण से संबंधित है और दुमका की एक अदालत में लंबित है। इस महीने की शुरुआत में, अदालत ने यौन उत्पीड़न मामले को खारिज करने के लिए यादव द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था। पोरैयाहाट से जेवीएम-पी के टिकट पर 2019 का विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए यादव पर दुमका में एमपी-एमएलए अदालत में मुकदमा चल रहा है।
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जेवीएम-पी सदस्य और उच्च न्यायालय की एक वकील महिला ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2019 में लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करने के लिए देवघर के एक होटल में मिलने के बाद कांग्रेद विधायक प्रदीप यादव ने उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की, जिसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, वह मौके से भागने में सफल रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक और उनके समर्थकों ने उन्हें धमकी दी थी।
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प्रदीप यादव के वकील बिमलकीर्ति सिंह ने हाईकोर्ट को बताया था कि उनका मुवक्किल राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार है और उसे फंसाया गया है। पीड़िता के वकील गौतम कुमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया इस बात के सबूत हैं कि प्रदीव यादव ने महिला को राजनीतिक लाभ देकर उसका शोषण करने की कोशिश की। हालांकि प्रदीप यादव ने जुलाई 2019 में विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था और उसी वर्ष सितंबर में उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी।